अतीक के घर की तीन महिलाएं फरार...शाइस्ता के बाद अब इन दो पर भी ईनाम का ऐलान
लखनऊ। संगम नगरी प्रयागराज के चर्चित उमेश पाल और दो सरकारी गनर शूटआउट केस में माफिया अतीक अहमद के परिवार को एक और बड़ा झटका लगा है। अतीक अहमद के परिवार की दो अन्य महिलाओं को भगोड़ा घोषित कर उन पर 25-25 हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया है। प्रयागराज पुलिस ने अतीक के छोटे भाई अशरफ की पत्नी जैनब फातिमा उर्फ रूबी और बहन आयशा नूरी पर पचीस-पचीस हज़ार रुपए का इनाम घोषित किया है। उस पर भी इनाम बढ़ाए जाने की तैयारी है। प्रयागराज पुलिस को उम्मीद है कि इनाम घोषित होने के बाद तीनों के बारे में लोग अब उसे जानकारी देंगे और उन्हें गिरफ्तार किया जा सकेगा।
संगम नगरी प्रयागराज में साल भर पहले हुए उमेश पाल और दो सरकारी गनर शूटआउट में माफिया अतीक अहमद की पत्नी शाइस्ता परवीन के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज हुई थी! शाइस्ता परवीन वारदात के बाद से ही लगातार फरार चल रही है। प्रयागराज पुलिस ने उस पर पचीस हजार रूपए का इनाम घोषित किया था। इनाम की यह रकम बाद में बढ़ाकर पचास हजार रुपए कर दी गई थी। शाइस्ता परवीन की देवरानी जैनब फातिमा उर्फ रूबी और ननद यानी अतीक अहमद की बहन आयशा नूरी का नाम पुलिस की तफ्तीश में सामने आया था।
जैनब और आयशा नूरी ने वारदात के दस दिन बाद बाकायदा प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की थी और पूरे परिवार को बेगुनाह बताकर गुमराह करने की कोशिश की थी। जैनब फातिमा पर शूटआउट की साजिश में शामिल होने और फरार आरोपियों की मदद का आरोप है, जबकि वारदात के बाद आयशा नूरी के घर पांच लाख रुपए के इनामी बमबाज गुड्डू मुस्लिम ने न सिर्फ पनाह ली थी. बल्कि उसे आर्थिक तौर पर मदद भी मुहैया कराई गई थी. प्रयागराज पुलिस ने माफिया अतीक के परिवार की इन तीनों फरार महिलाओं को पकड़ने के लिए कई टीमों का गठन किया है। टीमें लगातार छापेमारी भी कर रही हैं।
पुलिस कई बार इनके बेहद नजदीक तक भी पहुंची, लेकिन उसे कामयाबी नहीं मिल सकी. इसकी सबसे बड़ी वजह यह बताई जा रही है की तीनों महिलाएं बुर्के का इस्तेमाल करती हैं। अपने चेहरे को नकाब से ढक कर रखती हैं। ऐसे में उनकी पहचान कर पाना मुश्किल हो जाता है। यह फरार महिलाएं आमतौर पर बुर्का वाले महिलाओं की भीड़ में ही रहती हैं। आमतौर पर यह बुर्के और भीड़ का ही फायदा उठाती है। पुलिस ने दस दिन पहले भी खुफिया इनपुट के आधार पर प्रयागराज शहर के कई इलाकों में छापेमारी की थी।
पुलिस इन महिलाओं की तलाश में जहां लगातार छापेमारी और चेकिंग कर रही है। वहीं गंगा और यमुना नदियों में मोटर बोट - स्टीमर व नावों के जरिए भी कई बार उनकी तलाश की गई है। माना यह जा रहा है कि पुलिस की पकड़ से बचने के लिए अतीक के परिवार की यह तीनों महिलाएं लगातार अपने ठिकाने बदल रही हैं। शाइस्ता परवीन और जैनब फातिमा तो अपने पतियों की मौत के बाद भी उनका चेहरा देखने के लिए सामने नहीं आई थी। प्रयागराज पुलिस इन तीनों महिलाओं की गिरफ्तारी के लिए अब नए सिरे से रणनीति बना रही है।






















































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