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मोहन सेतु पुनरीक्षित बजट के इंतज़ार में, वर्षों से ठप है कार्य ! 

देवरिया।बरहज सरयू नदी पर निर्माणाधीन मोहन सेतु जो तेरह वर्षों से अधर में लटका हुआ है सेतु भाग में दस और पिलर बढ़ाए जाने है लेकिन उसके लिए शासन से पुनरीक्षित धनराशि की स्वीकृति आज तक नहीं मिल पाई है जबकि देवरिया जिले में माननीय मुख्यमंत्री जी आगमन के दौरान अपने उद्बोधन में मंच से मोहन सेतु जल्द निर्माण कार्य पूर्ण कराए जाने का आश्वासन भी दिए और बजट के उद्बोधन पर मोहन सेतु संघर्ष समिति अध्यक्ष एवं भाजपा नेता निशिकान्त दीक्षित द्वारा बजट पर खंडन करते हुए तेरह वर्षों से अधर में लटके मोहन सेतु को जल्द निर्माण कार्य पूर्ण कराने हेतु पुनरीक्षित बजट स्वीकृति की मांग किया गया जिसके बाद पूरे प्रदेश भर में यह मुद्दा चर्चा का विषय बना रहा !

मोहन सेतु निर्माण संघर्ष समिति के अध्यक्ष एवं बरहज के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष निशिकान्त दीक्षित ने सेतु निर्माण पर सूचना के अधिकार अधिनियम अंतर्गत दिनांक 29 मई 2026 को ग्यारह सूत्री प्रश्नों के जवाब मांगे गए थे जिसमे आरटीआई से दिनांक 27 जुलाई 2026 को सेतु निर्माण इकाई देवरिया के परियोजना प्रबंधक विजेंद्र सिंह द्वारा जो विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराई गई है जिसमे मोहन सेतु के निर्माण पर अभी तक एक सौ तेइस करोड़ सत्तासी लाख रुपये धनराशि व्यय की सूचना दी गई है जिसमे पूर्ववर्ती सपा सरकार में वर्ष 2013-14 में नौ करोड़ पंचानबे लाख रुपये, वर्ष 2014-15 में बारह करोड़ रुपये, वर्ष 2016-17 में उनतीस करोड़ इकतीस लाख चौबीस हज़ार रुपये आंवटित किए गए एवं भाजपा सरकार बनने के उपरांत वर्ष 2017 में कोई धनराशि का आवंटन नही हुआ फिर वर्ष 2018-19 में अट्ठारह करोड़ पैतीस लाख पैंतालीस हज़ार रुपये आंवटित हुए पुनः तीन वर्षों तक कोई आवंटन नहीं हुआ जिससे निर्माण कार्य ठप पड़ा रहा और लागत बढ़ती गई पुनः वर्ष 2022-23 में तीस करोड़ अट्ठासी लाख उनतीस हजार रुपये, वर्ष 2023-24 में सत्रह करोड़ सत्रह लाख पंचानबे हज़ार रुपये, वर्ष 2024-25 में छह करोड़ उन्नीस लाख छत्तीस हजार रुपये का वर्षवार आंवटन एवं व्यय की लिखित सूचना दी गई है पुनः वर्ष 2025-26 में और वित्तीय वर्ष 2026-27 में कोई आवंटन नही हुआ जिससे सेतु भाग में बढ़ाये जाने वाले दस पिलर का निर्माण कार्य पुनः अधूरा पड़ा हुआ है! 

साथ ही विभाग ने आरटीआई की सूचना में सेतु निर्माण में अनुमानित उन्नीस सौ अट्ठाईस एमटी स्टील एवं चौदह लाख चौवालीस हज़ार पाँच सौ तिरानबे बैग सीमेंट लगने की सूचना दी है! सेतु की वाहन भार क्षमता आईआरसी क्लास ए टू लेन एक सौ दस टन भार क्षमता हेतु डिजाइन किया गया है! सेतु की कैरिजवे की चौड़ाई साढ़े सात मीटर है और सेतु भाग में दस पिलर बढ़ाए जाने हेतु पुनरीक्षित आगणन स्वीकृति का वर्षों से इंतजार हो रहा है जिसमे धनराशि स्वीकृति पर ही कार्य आगे बढ़ाया जा सकता है! 

पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष एवं मोहन सेतु निर्माण संघर्ष समिति के अध्यक्ष निशिकान्त दीक्षित ने कहा की मोहन सेतु निर्माण से बरहज सहित पूरे देवरिया जनपद को मऊ आजमगढ़ बलिया वाराणसी की दूरी कम और समय की बड़ी बचत होगी साथ ही पूर्वांचल सड़क मार्ग से सीधा जुड़ाव का लाभ मिलेगा साथ ही बरहज क्षेत्रीय ट्रांजिट एवं व्यापारिक केंद्र के रूप विकसित होगा, सेतु से मालवाहक वाहनो के आवागमन से व्यापारिक गतिविधियाँ बढ़ेगी और आवागमन से व्यापारिक लाभ होगा, युवाओ के लिए नवीन रोजगार एवं व्यापार के अवसर पैदा होंगे और देवरिया के किसानो की कृषि, फल,सब्जी की उपज को बग़ल के बड़ी मंडियों तक पहुँचाना और वहाँ से ले आना आसान होगा ! मोहन सेतु से बरहज सहित पूरे जिले के विकास हेतु दक्षिणी मार्ग खुलेगा और मऊ आजमगढ़ वाराणसी की यात्रा का एक अलग विशिष्ट मार्ग मिल सकेगा और विभिन्न जनपदों की दूरी बहुत कम हो जाएगी साथ ही जनपद के दो बड़े गाँव परसिया देवार और विशुनपुर देवार के लगभग बीस हजार आबादी को प्रतिदिन आवागमन का सुलभ मार्ग मिल जाएगा, छात्र छात्राओं और किसानो को प्रतिदिन यात्रा की सुविधा उपलब्ध होगी, परिवहन सुविधा का विस्तार होगा साथ ही सुरक्षा के दृष्टिकोण से भी फायदेमंद साबित होगा !


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