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पांच तस्कर गिरफ्तार, 5.5 करोड़ की मारफीन बरामद पुलिस मुठभेड़ में दो आरोपित घायल, दो तमंचे और दो कारें भी मिलीं; ओडिशा से गांजा और पंजाब से स्मैक लाकर यूपी में करते थे सप्लाई

कादीपुर अखण्डनगर (सुलतानपुर)। मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में अखण्डनगर पुलिस और एसओजी/सर्विलांस टीम को शुक्रवार सुबह बड़ी सफलता मिली। रायपुर सर्विस लेन अंडरपास के पास चेकिंग के दौरान पुलिस ने दो कारों में सवार अंतरराज्यीय मादक पदार्थ तस्करी गिरोह के पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, इस दौरान आरोपितों ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में दो आरोपित पैर में गोली लगने से घायल हो गए। दोनों को पुलिस अभिरक्षा में सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
पुलिस ने दोनों कारों की तलाशी में एक किलो 800 ग्राम अवैध मारफीन बरामद की है। इसकी अनुमानित कीमत करीब 5.5 करोड़ रुपये बताई गई है। मौके से दो .315 बोर के तमंचे, दो जिंदा कारतूस और दो खोखा कारतूस भी बरामद किए गए हैं। तस्करी में इस्तेमाल वरना और बलेनो कार को भी पुलिस ने कब्जे में ले लिया है।
पुलिस को देखकर कार मोड़कर भागने लगे
पुलिस के मुताबिक, पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में अपराधियों और मादक पदार्थ तस्करों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में अखण्डनगर पुलिस और एसओजी/सर्विलांस की संयुक्त टीम शुक्रवार सुबह करीब पांच बजे रायपुर सर्विस लेन अंडरपास के पास संदिग्ध वाहनों की चेकिंग कर रही थी।
इसी दौरान अंबेडकरनगर की ओर से लखनऊ की तरफ जा रही दो संदिग्ध कारें पुलिस टीम को दिखाई दीं। पुलिस को देखकर कार सवारों ने वाहन पीछे मोड़कर भागने का प्रयास किया। इसी दौरान दोनों वाहन असंतुलित हो गए। पुलिस के अनुसार, कार सवारों ने खुद को घिरता देख पुलिस टीम पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग शुरू कर दी।
पुलिस टीम ने आत्मरक्षार्थ जवाबी कार्रवाई की। इसमें खुर्शीद आलम और प्रशान्त सिंह के दाहिने पैर में गोली लगी। इसके बाद पुलिस टीम ने घेराबंदी कर पांचों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया।
कारों से बरामद हुई करोड़ों की मारफीन
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने दोनों वाहनों की तलाशी ली। तलाशी के दौरान कुल एक किलो 800 ग्राम अवैध मारफीन बरामद हुई। पुलिस ने इसकी अनुमानित कीमत करीब 5.5 करोड़ रुपये बताई है। इसके अलावा खुर्शीद आलम और प्रशान्त सिंह के पास से एक-एक .315 बोर का तमंचा, एक-एक जिंदा कारतूस और एक-एक खोखा कारतूस बरामद किया गया।
पुलिस के अनुसार, तस्कर मादक पदार्थों की खेप को अलग-अलग वाहनों से ले जाकर पुलिस की निगाह से बचने का प्रयास करते थे। दोनों कारों को भी पुलिस ने कब्जे में ले लिया है।
ओडिशा से गांजा, पंजाब से स्मैक की करते थे तस्करी
पूछताछ में पुलिस के अनुसार आरोपितों ने मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़े होने की बात स्वीकार की है। पुलिस का दावा है कि आरोपित संगठित गिरोह के रूप में काम करते थे। गिरोह के सदस्य ओडिशा से गांजा और पंजाब से स्मैक लाकर उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों में विभिन्न रास्तों से पहुंचाते थे।
तस्करी के दौरान पुलिस की निगाह से बचने के लिए दो अलग-अलग कारों का इस्तेमाल किया जाता था। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि बरामद मारफीन की खेप कहां से लाई गई थी और इसे उत्तर प्रदेश में किसे पहुंचाया जाना था। गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और इनके मादक पदार्थ तस्करी के नेटवर्क की भी जांच की जा रही है।
ये पांच आरोपित पकड़े गए
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपितों में खुर्शीद आलम (23) पुत्र अब्दुल सबूर निवासी सिंहनाथ, थाना जैतापुर, जनपद बलरामपुर शामिल है। वह मुठभेड़ में दाहिने पैर में गोली लगने से घायल हुआ है।
दूसरा आरोपित प्रशान्त सिंह (25) पुत्र मनोज सिंह निवासी डीह, थाना बल्दीराय, सुलतानपुर है। वह भी दाहिने पैर में गोली लगने से घायल हुआ है।
तीसरा आरोपित रोहित तिवारी (23) पुत्र विनय तिवारी निवासी गोविन्दपुर, थाना बल्दीराय, सुलतानपुर, चौथा अंकुर प्रजापति (25) पुत्र दयाराम प्रजापति निवासी मकदूमपुर, थाना बल्दीराय, सुलतानपुर तथा पांचवां आरोपित रामबाबू उर्फ श्यामबाबू (55) पुत्र अनूप चौधरी निवासी गुलटेरा बाजार, थाना बिहटा, पटना, बिहार बताया गया है।
इन वाहनों से होती थी तस्करी
पुलिस ने तस्करी में इस्तेमाल वरना कार संख्या UP 32 RP 9880 और बलेनो कार संख्या UP 32 RQ 2158 बरामद की हैं। पुलिस अब दोनों वाहनों के स्वामित्व और इनके पूर्व इस्तेमाल की भी जांच कर रही है।
आर्म्स एक्ट और एनडीपीएस एक्ट में मुकदमा दर्ज कर
गिरफ्तारी और बरामदगी के आधार पर न्यायिक अभिरक्षा रिमांड के लिए न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है।
पुलिस अब आरोपितों के आपराधिक इतिहास, मादक पदार्थों की आपूर्ति के स्रोत और इनके संपर्क में रहे अन्य लोगों की जानकारी जुटा रही है। करोड़ों रुपये की बरामदगी के बाद जांच एजेंसियां तस्करी के पूरे नेटवर्क तक पहुंचने की कोशिश में जुटी हैं।
पुलिस टीम को 25 हजार का पुरस्कार
कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक धीरेन्द्र कुमार वर्मा, निरीक्षक अपराध सतीश चन्द्र यादव, वरिष्ठ उपनिरीक्षक संतोष कुमार सहित अखण्डनगर पुलिस और एसओजी/सर्विलांस टीम शामिल रही। पुलिस अधीक्षक सुलतानपुर ने सफल कार्रवाई पर पुलिस टीम का उत्साहवर्धन करते हुए 25 हजार रुपये का नकद पुरस्कार प्रदान किया है।


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