मुख्यमंत्री माटी कला रोजगार योजना से कारीगर होंगे आत्मनिर्भर
आजमगढ़, 17 अप्रैल 2026।
जिला ग्रामोद्योग अधिकारी दीपक मिश्रा ने बताया कि उत्तर प्रदेश माटीकला बोर्ड द्वारा प्रदेश के कुम्हारों, परंपरागत कारीगरों, उद्यमियों और शिल्पियों के समन्वित विकास के लिए मुख्यमंत्री माटी कला रोजगार योजना संचालित की जा रही है।
इस योजना के तहत माटीकला से जुड़े कारीगर अपनी आवश्यकता अनुसार वर्कशेड, मशीनरी, भट्टी और कच्चे माल के लिए अधिकतम 10 लाख रुपये तक की परियोजना लागत पर आवेदन कर सकते हैं। परियोजना लागत का 95 प्रतिशत बैंक ऋण के रूप में तथा 5 प्रतिशत लाभार्थी अंशदान होगा। साथ ही, ऋण की 25 प्रतिशत राशि अनुदान के रूप में उत्तर प्रदेश माटीकला बोर्ड, लखनऊ द्वारा प्रदान की जाएगी।
योजना के अंतर्गत खिलौना निर्माण, घरेलू उपयोग के बर्तन (घड़ा, सुराही, कुल्हड़, गिलास आदि), भवन निर्माण सामग्री (टाइल्स, पैन, वॉश बेसिन आदि) तथा सजावटी वस्तुओं (गुलदस्ता, गार्डन पॉट, लैम्प आदि) के उत्पादन हेतु उद्योग स्थापित किए जा सकते हैं।
यह योजना केवल व्यक्तिगत इकाइयों के लिए है और कारीगरों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में सहायक होगी, जिससे उनकी वित्तीय आवश्यकताओं की पूर्ति और व्यवसाय का विस्तार संभव हो सकेगा।
पात्रता:
आवेदक की आयु 18 से 55 वर्ष के बीच होनी चाहिए तथा माटीकला/शिल्पकला का प्रशिक्षण, प्रमाण पत्र या परंपरागत ज्ञान होना आवश्यक है।
इच्छुक अभ्यर्थी ऑनलाइन आवेदन वेबसाइट upmatikalaboard.in पर कर सकते हैं। आवेदन की हार्ड कॉपी जिला ग्रामोद्योग कार्यालय, सिधारी, आजमगढ़ में जमा करनी होगी। अधिक जानकारी के लिए मोबाइल नंबर 7408410762 पर संपर्क किया जा सकता है।

























































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