कर्मयोगी पं. राम किशोर त्रिपाठी स्मृति क्रीड़ा प्रतियोगिता का भव्य आगाज़
खेल से निखरता है व्यक्तित्व, जीत-हार से मिलती है सीख कुलपति प्रो. बिजेंद्र सिंह ।
कादीपुर, सुल्तानपुर।खेल केवल प्रतिस्पर्धा नहीं, बल्कि जीवन को दिशा देने वाली भावना है। खेल हमें जीतने की विनम्रता और हारने की सहनशीलता सिखाते हैं। यह विचार डॉ राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बिजेंद्र सिंह ने संत तुलसीदास पीजी कॉलेज में आयोजित कर्मयोगी पं. राम किशोर त्रिपाठी स्मृति वार्षिक क्रीड़ा प्रतियोगिता के उद्घाटन अवसर पर व्यक्त किए।
मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे कुलपति प्रो. बिजेंद्र सिंह ने खिलाड़ियों से सलामी ग्रहण की तथा उन्हें खेल भावना की शपथ दिलाई। उन्होंने कहा कि खेल व्यक्ति को आत्मविश्वासी बनाते हैं और पौरुष, परिश्रम व अनुशासन के बल पर प्रतिष्ठा अर्जित करने का अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने खिलाड़ियों को संदेश दिया कि मैदान में उतरते समय केवल जीत ही लक्ष्य न हो, बल्कि सीखने और स्वयं को बेहतर बनाने का संकल्प भी साथ हो।
महाविद्यालय के प्रबंधक सौरभ त्रिपाठी ने अपने संबोधन में कहा कि अध्ययन, चिंतन और मनन से जहां बौद्धिक विकास होता है, वहीं खेलकूद शारीरिक और मानसिक सुदृढ़ता प्रदान करते हैं। खेल हमें ऊर्जा से भरते हैं और जीवन की चुनौतियों से जूझने की शक्ति देते हैं।
प्राचार्य प्रो. राम नयन सिंह ने अतिथियों का स्वागत करते हुए महाविद्यालय की उत्कृष्ट शैक्षणिक एवं खेल परंपराओं को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि संस्थान विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर प्रयासरत है। कार्यक्रम का संचालन डॉ. सतीश ने किया, जबकि क्रीड़ा प्रभारी नीरज तिवारी ने खिलाड़ियों का कुशल निर्देशन किया।
प्रतियोगिता की शुरुआत कबड्डी मुकाबले से हुई, जिसमें रानी दुर्गावती टीम और रानी लक्ष्मीबाई टीम के बीच रोमांचक संघर्ष देखने को मिला। रानी दुर्गावती टीम का नेतृत्व वीना तिवारी ने तथा रानी लक्ष्मीबाई टीम का नेतृत्व रिंसी ने किया। खिलाड़ियों के उत्साह और दर्शकों की तालियों से पूरा परिसर गूंज उठा।
एथलेटिक्स स्पर्धाओं में भी प्रतिभागियों ने शानदार प्रदर्शन किया। 200 मीटर महिला दौड़ में साहिब बानो ने प्रथम स्थान, जूही गुप्ता ने द्वितीय तथा अंशिका ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। वहीं 200 मीटर पुरुष वर्ग में अवनीश निषाद प्रथम, विकास यादव द्वितीय तथा दिलीप कुमार तृतीय स्थान पर रहे। विजेताओं को अतिथियों द्वारा सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर डॉ. साहित्येंदु, प्रो. इंदु शेखर उपाध्याय, प्रो. आदित्य नारायण त्रिपाठी, भीम सिंह, मधुरा प्रसाद जटायू, प्रो. जितेंद्र तिवारी, डॉ. संजीव रतन गुप्ता, डॉ. राज कुमार सिंह, डॉ. शनि शुक्ला, डॉ. राजेंद्र मिश्र, डॉ. समीर पांडेय, अखिलेश कुमार यादव, उमाशंकर गुप्ता, डॉ. रविंद्र मिश्रा, डॉ. जीनत रफीक, डॉ. कुमुद, डॉ. प्रज्ञा बरनवाल, डॉ. नरेंद्र कुमार, डॉ. सुरेंद्र तिवारी सहित अनेक प्राध्यापक एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
क्रीड़ा प्रतियोगिता के इस भव्य शुभारंभ ने विद्यार्थियों में नया जोश भर दिया है। महाविद्यालय परिसर में उत्साह, अनुशासन और खेल भावना का अद्भुत संगम देखने को मिला, जो निश्चित ही विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।






















































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