आजमगढ़ की जनता के अनुमति के बाद चुनाव लड़ूंगा, आइये खुद देखे कि आखिर....
उत्तर प्रदेश चुनाव के लिए सभी पार्टियां अपने उम्मीदवारों का ऐलान कर रही हैं. इस बार कई दिग्गज नेता चुनावी मैदान में उतरने जा रहे हैं, जिनमें एक नाम खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का है. जो गोरखपुर विधानसभा से चुनाव लड़ेंगे. सीएम योगी के बाद अब अखिलेश यादव के चुनाव लड़ने को लेकर अटकलें तेज हैं. इसी आजमगढ़ समाजवादी पार्टी का सुरक्षित क्षेत्र माना जाता है। क्योंकि यहां मुसलमान और यादव दोनों का दबदबा है। अखिलेश ने चुनाव पर अभी अगर-मगर की बात की है, लेकिन उनके आजमगढ़ के गोपालपुर से चुनाव लड़ने की अटकलें हैं।गोपालपुर समाजवादी पार्टी के लिए बेहद सुरक्षित सीट मानी जा सकती है क्योंकि यहां के तकरीबन साढ़े 3 लाख मतदाताओं में 60 हजार यादव हैं। मुसलमान वोटर्स की तादाद 40 हजार हैं, और दलित वोटर्स की संख्या 50 हजार है। गोपालपुर में बीते 5 में से 4 चुनाव में समाजवादी पार्टी ने जीत दर्ज की है। 2017 में समाजवादी पार्टी के नफीस अहम जीते थे। लेकिन अखिलेश ने अपने चुनाव लड़ने को लेकर एक दूसरी बात भी कही है। उन्होंने आज ये कहा कि मैं अगर चुनाव लड़ूंगा तो योगी आदित्यनाथ से पहले चुनाव लड़ूंगा। उत्तर प्रदेश में 2002 के बाद से पहली बार कोई सिटिंग सीएम चुनाव लड़ रहा है। 2002 में राजनाथ सिंह ने मुख्यमंत्री रहते हुए चुनाव लड़ा था। 2002 से लेकर अब तक मुलायम सिंह यादव, मायावती, अखिलेश यादव और योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री रहे, और सभी विधानपरिषद के सदस्य रहे। अबकी बार बीजेपी ने योगी आदित्यनाथ के लिए गोरखपुर सदर की सीट तय कर ली है।राज्य की सियासी जंग दिलचस्प होती जा रही है। हर दिन नए ऐलान हो रहे हैं। अखिलेश यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि आजमगढ़ से चुनाव लड़ने के लिए वहां की जनता से अनुमति लेनी पड़ेगी। अगर वहां के लोगों ने कहा तो आजमगढ़ से चुनाव लड़ूंगासूत्रों की माने तो, जब तक सीएम योगी आदित्यनाथ को अयोध्या से लड़ने की अटकलें लग रही थी तो सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव, आजमगढ़ के फूलपुर पवई विधानसभा से चुनाव लड़ने कि अटकले लग रही थी, पर जब बीजेपी योगी आदित्यनाथ को गोरखपुर से लड़ने का एलान किया तो अखिलेश यादव आजमगढ़ के गोपालपुर विधानसभा से चुनाव लड़ने की बात कही।।
























































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