देशभर में धूमधाम से मनाई जा रही बाबा साहेब की जयंती, बाजारों में सजे झंडे और पोस्टर
ख़ास खबर। भारत रत्न एवं भारतीय संविधान के शिल्पकार B. R. Ambedkar की जयंती पूरे देश में श्रद्धा, उत्साह और सम्मान के साथ मनाई जा रही है। 14 अप्रैल को मनाई जाने वाली यह जयंती सामाजिक न्याय, समानता और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति जन-जन की आस्था का प्रतीक बन गई है।
इस अवसर पर देश के विभिन्न राज्यों, शहरों और गांवों में भव्य कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। सरकारी संस्थानों, शैक्षणिक परिसरों और सामाजिक संगठनों द्वारा बाबा साहेब की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की जा रही है। जगह-जगह रैलियां, संगोष्ठियां और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं।
बाबा साहेब की जयंती पर राजनीतिक दलों में भी विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है। सत्तापक्ष और विपक्ष के नेताओं ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर देश के संविधान निर्माण में उनके योगदान को स्मरण किया। नेताओं ने उनके आदर्शों पर चलने और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने का संकल्प लिया।
जयंती के अवसर पर बाजारों में भी अलग ही चहल-पहल देखने को मिली। दुकानों पर बाबा साहेब के नाम के झंडे, पोस्टर, बैनर, कैलेंडर और चित्र सजे नजर आए। नीले रंग के झंडों और सजावटी सामग्री की खरीदारी के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी, जिससे व्यापारियों में उत्साह देखने को मिला।
डॉ. भीमराव अंबेडकर ने अपना पूरा जीवन समाज के वंचित और शोषित वर्गों के उत्थान के लिए समर्पित कर दिया। उनके विचार आज भी देश को समानता, शिक्षा और अधिकारों के प्रति जागरूक करते हैं।
बाबा साहेब की जयंती केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि उनके आदर्शों को अपनाने और एक समतामूलक समाज के निर्माण का संकल्प लेने का दिन है। इस अवसर पर पूरे देश में एकता, सम्मान और सामाजिक न्याय का संदेश गूंज रहा है।























































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