दहेज प्रताड़ना के आरोप में टूटने की कगार पर पहुंचा परिवार फिर जुड़ा, परिवार परामर्श केंद्र में हुआ समझौता
•पति और ससुराल पक्ष पर कम दहेज के लिए शारीरिक-मानसिक प्रताड़ना व स्त्रीधन छीनकर घर से निकालने का आरोप, पुलिस की काउंसलिंग से सुलझा विवाद
आजमगढ़। थाना कोतवाली परिसर स्थित परिवार परामर्श प्रकोष्ठ/नई किरण की पहल से विवाद के चलते टूटने की कगार पर पहुंचा एक परिवार फिर से एक हो गया। पुलिस की काउंसलिंग के बाद एक प्रकरण में दोनों पक्षों के बीच सफलतापूर्वक समझौता कराया गया।
यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन तथा अपर पुलिस अधीक्षक यातायात/नोडल अधिकारी महिला एवं बाल सुरक्षा संगठन के पर्यवेक्षण में की गई। गुरुवार को कोतवाली परिसर में परिवार परामर्श प्रकोष्ठ की बैठक आयोजित हुई। इसमें संबंधित पत्रावली के दोनों पक्षों को नोटिस एवं दूरभाष के माध्यम से बुलाया गया।
कम दहेज को लेकर प्रताड़ना का आरोप
मामले में आवेदिका खुशबू कुरैशी उर्फ जीनत पुत्री सोहराब कुरैशी, निवासी जालन्धरी, थाना कोतवाली ने अपने पति एवं ससुराल पक्ष के लोगों पर कम दान-दहेज के लिए शारीरिक एवं मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप लगाया था।
आवेदिका का आरोप था कि ससुराल पक्ष द्वारा उसका स्त्रीधन छीनकर उसे घर से निकाल दिया गया। शिकायत के बाद मामले को परिवार परामर्श प्रकोष्ठ/नई किरण के समक्ष रखा गया।
परामर्श केंद्र की टीम ने दोनों पक्षों की बात गंभीरता से सुनी और आपसी मतभेदों को दूर करने के लिए समझाया-बुझाया। काउंसलिंग के दौरान दोनों पक्षों को पारिवारिक जीवन में आपसी समझ, संवाद और सहयोग के महत्व से अवगत कराया गया।
पुलिस की पहल के बाद दोनों पक्ष विवाद समाप्त कर साथ रहने के लिए सहमत हुए और प्रकरण में सफल समझौता कराया गया।
परिवार परामर्श प्रकोष्ठ की यह पहल ऐसे मामलों में आपसी विवाद को बातचीत और काउंसलिंग के माध्यम से सुलझाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।






















































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