4 साल की घायल साक्षी ने DM-SSP को बांधी राखी, अस्पताल में मनाया रक्षाबंधन
•बस हादसे में घायल बच्ची और करीब 20 महिलाओं ने अधिकारियों की कलाई पर बांधी राखी, DM-SSP ने निभाया भाई का फर्ज; मानवीय पहल की पूरे प्रदेश में चर्चा
आजमगढ़। रक्षाबंधन के पावन पर्व पर मंडलीय जिला चिकित्सालय में उस समय भावुक कर देने वाला दृश्य देखने को मिला, जब गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे हादसे में घायल चार वर्षीय यूकेजी छात्रा साक्षी ने जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार और एसएसपी डॉ. अनिल कुमार की कलाई पर राखी बांधी। अस्पताल में मौजूद लोगों के लिए यह पल भावनाओं से भर देने वाला रहा।
दरअसल, आजमगढ़-गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे पर पवई क्षेत्र में करीब 191.2 किलोमीटर के पास हुए बस हादसे में कुल 34 लोग घायल हुए थे। सभी घायलों को उपचार के लिए मंडलीय जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया।
घायलों का हाल जानने के लिए जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार और एसएसपी डॉ. अनिल कुमार सुबह से दो बार अस्पताल पहुंचे। अधिकारियों ने प्रत्येक घायल से मुलाकात कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली और चिकित्सकों से उपचार की स्थिति के बारे में जानकारी प्राप्त की।
इसी दौरान चोटिल चार वर्षीय बच्ची एवं यूकेजी छात्रा साक्षी ने DM और SSP को राखी बांधकर अस्पताल में ही रक्षाबंधन का त्योहार मनाया। मासूम बच्ची के इस भावुक अंदाज ने वहां मौजूद लोगों को भावुक कर दिया।
साक्षी के साथ अस्पताल में भर्ती करीब 20 घायल महिलाओं और बहनों ने भी DM-SSP की कलाई पर राखी बांधी। अधिकारियों ने भी आत्मीयता के साथ राखी स्वीकार की और भाई का फर्ज निभाते हुए बहनों को साड़ी और लिफाफा भेंट किया। उन्होंने सभी को बेहतर इलाज और हर संभव सहायता का भरोसा दिलाया।
घायलों ने जताया प्रशासन का आभार
अस्पताल में उपचार करा रहे घायलों ने समुचित इलाज और प्रशासन की तत्परता पर संतोष व्यक्त किया। घायलों ने मुख्यमंत्री, जिला प्रशासन, जिलाधिकारी और एसएसपी का आभार जताया।
रक्षाबंधन के दिन अस्पताल में अधिकारियों और घायल महिलाओं के बीच बना यह आत्मीय रिश्ता प्रशासन की संवेदनशीलता की मिसाल बन गया। DM और SSP की मानवीय संवेदना से जुड़ी इस पहल की जनपद ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश में चर्चा हो रही है।
मृतकों के परिजनों को 7.5-7.5 लाख की सहायता
हादसे में मृत ड्राइवर रजनीकांत और एक 50 वर्षीय महिला के परिजनों को परिवहन निगम की ओर से 7.5-7.5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी गई है।
वहीं, हादसे में घायल 34 लोगों में से उपचार के बाद 14 घायलों को स्वस्थ होने पर घर भेज दिया गया, जबकि 20 घायलों का उपचार अभी जारी है।
रक्षाबंधन के दिन अस्पताल में मनाया गया यह अनोखा पर्व हादसे की पीड़ा के बीच इंसानियत, संवेदना और भरोसे की ऐसी तस्वीर छोड़ गया, जिसे वहां मौजूद लोग लंबे समय तक याद रखेंगे।






















































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