आजमगढ़: भ्रष्टाचार मामले में फरार चल रहे विश्वविद्यालय के कुलसचिव को कोर्ट से झटका, अग्रिम जमानत खारिज
आजमगढ़। महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय, आजमगढ़ के कुलसचिव डॉ. अंजनी कुमार मिश्रा को भ्रष्टाचार से जुड़े एक मामले में अदालत से राहत नहीं मिली। दीवानी कचहरी स्थित विजिलेंस कोर्ट नंबर-1 के न्यायाधीश अजय कुमार शाही की अदालत ने उनकी अग्रिम जमानत अर्जी खारिज कर दी।
मामला रामबदन सिंह महिला महाविद्यालय, कादीपुर से जुड़ा बताया जा रहा है। आरोप है कि महाविद्यालय की स्थायी मान्यता के नाम पर प्रबंधक सुधीर कुमार सिंह से 50 हजार रुपये की रिश्वत मांगी गई थी। आरोप के मुताबिक, यह रकम कुलसचिव डॉ. अंजनी कुमार मिश्रा के कहने पर उनके लिपिक संजय यादव के माध्यम से दिलाई जा रही थी।
इस मामले में विजिलेंस टीम ने लिपिक संजय यादव को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। वहीं, प्रकरण में कुलसचिव डॉ. अंजनी कुमार मिश्रा के फरार रहने की बात सामने आई थी। गिरफ्तारी से बचने के लिए उन्होंने न्यायालय में अग्रिम जमानत के लिए प्रार्थना पत्र दाखिल किया था।
मामले की सुनवाई के बाद अदालत ने अग्रिम जमानत अर्जी खारिज कर दी। अदालत के इस आदेश के बाद कुलसचिव की कानूनी मुश्किलें बढ़ गई हैं और उनकी गिरफ्तारी की संभावना को लेकर मामला और गंभीर हो गया है।
विश्वविद्यालय से जुड़े अधिकारी के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप और विजिलेंस कार्रवाई के बाद शिक्षा जगत में भी चर्चा तेज हो गई है। अब निगाहें इस मामले में आगे होने वाली कानूनी कार्रवाई पर टिकी हैं।






















































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