आजमगढ़: भदुली में DM के निरीक्षण में खुली फार्मर रजिस्ट्री की पोल, 54 किसान अब भी वंचित
आजमगढ़। जनपद में डिजिटल किसान आईडी और फार्मर रजिस्ट्री को लेकर प्रशासन के दावों के बीच जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार के भदुली, पल्हनी स्थित मिनी सचिवालय के औचक निरीक्षण में जमीनी हकीकत सामने आई। निरीक्षण के दौरान पता चला कि गांव के 353 किसानों में से केवल 299 किसानों की फार्मर रजिस्ट्री पूरी हो सकी है, जबकि 54 किसान अभी भी रजिस्ट्री से वंचित हैं।
मौके पर उप निदेशक कृषि आशीष कुमार ने जिलाधिकारी को बताया कि शेष किसानों की रजिस्ट्री न होने के पीछे नाम मिसमैच, अभिलेखीय खामियां और कुछ किसानों का प्रवास प्रमुख कारण हैं। इस स्थिति पर सवाल उठना स्वाभाविक है कि महत्वपूर्ण सरकारी योजनाओं से जुड़े कार्य में तकनीकी और अभिलेखीय कमियों को समय रहते दूर क्यों नहीं किया गया।
किसानों का कहना है कि फार्मर रजिस्ट्री नहीं होने के कारण उन्हें पीएम-किसान सम्मान निधि, न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीद, फसल बीमा, कृषि ऋण और विभिन्न कृषि सब्सिडी जैसी सुविधाओं का लाभ लेने में परेशानी हो रही है।
2012 से पेयजल संकट, ग्रामीणों ने DM को बताई समस्या
निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों ने गांव की पेयजल समस्या भी जिलाधिकारी के सामने रखी। ग्रामीणों ने बताया कि वर्ष 2012 में पेयजल पाइपलाइन बिछाए जाने के बाद से ही नियमित जलापूर्ति नहीं हो सकी। ग्रामीणों ने हर घर जल योजना के बावजूद पेयजल संकट बने रहने की शिकायत की।
मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित विभागीय अधिकारी से रिपोर्ट तलब की और समस्या के समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
बिजली, कब्जे और गौशाला की भी शिकायत
ग्रामीणों ने बैठक के दौरान बिजली व्यवस्था, अवैध कब्जे, गौशाला और अन्य सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही की शिकायतें भी जिलाधिकारी के सामने रखीं। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को शिकायतों का नियमानुसार परीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
DM ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि शेष 54 किसानों की फार्मर रजिस्ट्री तत्काल पूरी कराई जाए और छोटी तकनीकी या अभिलेखीय खामियों को काम में देरी का बहाना न बनाया जाए। उन्होंने संबंधित कर्मचारियों को किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए सक्रियता से कार्य करने को कहा।
प्रशासन ने जारी किए हेल्पलाइन नंबर
फार्मर रजिस्ट्री एवं संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए प्रशासन की ओर से हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए हैं।
राजस्व विभाग: 8299280073, 9454417172
कृषि विभाग: 05462298001, 9170791607
जिलाधिकारी के औचक निरीक्षण से गांव में सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की वास्तविक स्थिति सामने आई है। अब देखना होगा कि निरीक्षण के बाद 54 किसानों की लंबित फार्मर रजिस्ट्री और वर्षों से चली आ रही पेयजल समस्या का समाधान कितनी तेजी से होता है।






















































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