आजमगढ़ में पुलिस की जनसुनवाई: फरियादियों को त्वरित न्याय का भरोसा, SSP के निर्देश पर चला एक्शन मोड
आजमगढ़, 18 अगस्त 2026 ।जनता की समस्याओं को सुनने और उनके त्वरित समाधान के लिए आजमगढ़ पुलिस एक बार फिर सड़क पर नहीं, बल्कि सीधे जनता के बीच नजर आई। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ0 अनिल कुमार के सख्त निर्देश पर सोमवार को पुलिस कार्यालय में जनसुनवाई का आयोजन हुआ, जहां फरियादियों की एक-एक शिकायत को बारीकी से सुना गया और मौके पर ही निस्तारण की डेडलाइन तय कर दी गई।
बड़े अफसर खुद मैदान में उतरे
जनसुनवाई में अपर पुलिस अधीक्षक नगर मधुबन कुमार सिंह, क्षेत्राधिकारी नगर शुभम तोदी और क्षेत्राधिकारी सदर आस्था जायसवाल खुद मौजूद रहे। जिले के कोने-कोने से पहुंचे फरियादियों ने अपनी पीड़ा रखी तो अफसरों ने भी पेन-कागज छोड़, सीधे एक्शन का रास्ता चुना।
हर शिकायत पर होगा निष्पक्ष प्रहार
सुनवाई के दौरान क्षेत्राधिकारी लालगंज व सदर ने साफ शब्दों में अधीनस्थ अधिकारियों को दो टूक कहा — "हर प्रकरण का निस्तारण निष्पक्ष होगा, गुणवत्तापूर्ण होगा और समयबद्ध होगा। कोई ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।" साथ ही निर्देश दिया कि शिकायतों के निस्तारण में पूरी पारदर्शिता रखी जाए ताकि पीड़ित को लगे कि न्याय हुआ है, सिर्फ कागज नहीं भरा गया।
जनविश्वास ही असली ताकत
आजमगढ़ पुलिस ने स्पष्ट किया कि आमजन की समस्याओं का तुरंत और प्रभावी समाधान ही पुलिस प्रशासन की प्राथमिकता है। मकसद साफ है — जनता का भरोसा जीतना और कानून-व्यवस्था को जमीन पर मजबूत करना।
क्या बदलेगा?
इस जनसुनवाई के बाद अब हर थाने को शिकायतों के निस्तारण की रिपोर्ट देनी होगी। लापरवाही करने वाले अफसरों पर सीधी कार्रवाई की तलवार लटक रही है। SSP डॉ0 अनिल कुमार का संदेश साफ है — "जनता की सुनवाई में देरी अब अपराध मानी जाएगी।"
आजमगढ़ पुलिस का ये कदम बताता है कि वर्दी सिर्फ रौब के लिए नहीं, बल्कि राहत देने के लिए भी है। अब देखना ये है कि जमीन पर कितनी तेजी से इंसाफ पहुंचता है।



















































Leave a comment