हाई वोल्ट के लटकते तार ने ली एक जिंदगी।
देवरिया। मईल थाना क्षेत्र के भागलपुर आबादी के पास में ईंट-भट्ठे पर काम करने वाले एक व्यक्ति की हाई वोल्टेज तार की चपेट में आने से मौत हो गई।
मिली जानकारी के अनुसार हादसा घर के समीप से गुजर रहे 11 हजार वोल्ट के हाईटेंशन तार के लटकने के कारण हुआ। घटना के बाद क्षेत्र में विद्युत विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर लोगों में आक्रोश है।
बताया जाता है कि नई बस्ती में ईंट-भट्ठे पर कार्य करने वाला मोहन नामक व्यक्ति नेपाली के घर पर रह रहा था। मंगलवार को निर्माण कार्य के दौरान सरिया ऊपर से गुजर रहे हाईटेंशन तार के संपर्क में आ गई। तार के संपर्क में आते ही मोहन करंट की चपेट में आकर गंभीर रूप से झुलस गया। वहीं पास में मौजूद नेपाली, जो चप्पल पहने हुए था, भी विद्युत झटके से दूर जा गिरा।
आनन-फानन में दोनों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने मोहन को मृत घोषित कर दिया। नेपाली की हालत ठीक बताई जा रही है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि लटकते हाईटेंशन तार की समस्या की जानकारी विद्युत विभाग के जेई को दी गई थी, लेकिन इसके बावजूद तार को ठीक कराने के लिए समय रहते कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। हादसे के बाद भी विभाग की ओर से तत्काल राहत या कार्रवाई को लेकर कोई स्पष्ट आश्वासन नहीं मिलने से लोगों में नाराजगी है।
मृतक मोहन मूल रूप से झारखंड का रहने वाला बताया जा रहा है। उसके परिजनों के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल सकी। नेपाली ने बताया कि मोहन कुछ समय पहले यहां आया था और उसकी मानसिक स्थिति भी ठीक नहीं थी। इसके बाद वह उनके यहां रहने लगा था। परिवार की तरह रहता था। मोहन की मौत से नेपाली और उसके परिवार के लोग बेहद दुखी हैं।
नेपाली ने कहा कि यदि घर के समीप से 11 हजार वोल्ट का तार इस तरह लटकता हुआ नहीं गुजर रहा होता तो शायद यह हादसा नहीं होता। स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र की विद्युत व्यवस्था लंबे समय से बदहाल है। कहीं अत्यधिक वोल्टेज की समस्या है तो कहीं लो-वोल्टेज, जबकि कई स्थानों पर जर्जर और लटकते तार दुर्घटनाओं को दावत दे रहे हैं।
मोहन के परिजनों का पता नहीं चल पाने के कारण स्थानीय लोगों ने उसकी पहचान और परिस्थितियों को देखते हुए भागलपुर के कालीचरण घाट पर अंतिम संस्कार कर दिया।


























































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