तहसील परिसर में अधिवक्ता व पक्षकार से मारपीट हंगामे के बाद चार लोग भेजे गए थाने जमीन विवाद में एसडीएम कार्यालय के बाहर हुआ विवाद
•बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों समेत बड़ी संख्या में अधिवक्ता पहुंचे
आजमगढ़। लालगंज तहसील परिसर में शुक्रवार को जमीन विवाद को लेकर उपजिलाधिकारी (एसडीएम) कार्यालय के सामने अधिवक्ता और उनके पक्षकार के साथ मारपीट की घटना से अफरा-तफरी मच गई। घटना के बाद बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौके पर एकत्र हो गए और तहसील परिसर में काफी देर तक हंगामे की स्थिति बनी रही। सूचना पर पहुंची पुलिस ने चार लोगों को हिरासत में लेकर कोतवाली भेज दिया। जानकारी के अनुसार, कोतवाली क्षेत्र के चिरकिहिट गांव निवासी कंचन पाठक ने लगभग एक वर्ष पूर्व उर्मिला पत्नी रामआलम से करीब 21 बिस्वा भूमि का बैनामा कराया था। इसी भूमि को लेकर रामवृक्ष पुत्र संता प्रसाद तथा रामाश्रय राय पुत्र संता प्रसाद राय की ओर से न्यायालय से स्थगन आदेश (स्टे ऑर्डर) प्राप्त है। आरोप है कि स्थगन आदेश के बावजूद उक्त भूमि पर कब्जे का प्रयास किया जा रहा था। शुक्रवार को दोनों पक्ष अपनी-अपनी बात रखने के लिए एसडीएम कार्यालय पहुंचे। बताया जाता है कि सुनवाई के दौरान एसडीएम ने स्पष्ट निर्देश दिया कि जब तक स्थगन आदेश प्रभावी है, तब तक कोई भी पक्ष संबंधित भूमि पर कोई कार्य नहीं करेगा। कार्यालय से बाहर निकलने के बाद दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई, जो देखते ही देखते हाथापाई में बदल गई। आरोप है कि कंचन पाठक एवं उनके पति संजय पाठक ने अधिवक्ता शीतला प्रसाद और उनके मुवक्किल के साथ मारपीट की। घटना की जानकारी मिलते ही बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एडवोकेट नागेंद्र सिंह, एडवोकेट विंध्यवासिनी राय, एडवोकेट हामिद अली सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौके पर पहुंच गए। स्थिति को देखते हुए लालगंज चौकी प्रभारी भी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और कंचन पाठक, उनके पति संजय पाठक समेत चार लोगों को कोतवाली भेज दिया। समाचार लिखे जाने तक मामले में तहरीर दी जा रही थी।
























































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