बिहार: वायरल फायरिंग मामले में खान सर की बढ़ सकती हैं मुश्किलें, आवेदन में लगे गंभीर आरोप
पटना। चर्चित शिक्षक और यूट्यूबर खान सर (फैजल खान) से जुड़े कथित फायरिंग प्रकरण में नया मोड़ सामने आया है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और पुलिस दस्तावेज के आधार पर मामला अब चर्चा का विषय बन गया है।
प्राप्त दस्तावेज के अनुसार, फुलवारीशरीफ थाना, पटना में दर्ज एक आवेदन में आरोप लगाया गया है कि खान ग्लोबल एकेडमी के बाहर हुई फायरिंग की घटना में तैनात सुरक्षा गार्डों ने पूछताछ के दौरान पुलिस को बताया कि उन्होंने अपने वरिष्ठ के निर्देश पर हवाई फायरिंग की थी। आवेदन में यह भी उल्लेख है कि घटना के दौरान भीड़ को तितर-बितर करने और माहौल नियंत्रित करने के उद्देश्य से गोली चलाई गई।
पुलिस के अनुसार, सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में दो व्यक्तियों को रायफल से फायरिंग करते हुए देखा गया। वीडियो की जांच के बाद पुलिस ने दोनों सुरक्षा कर्मियों की पहचान की और उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ की। उनके पास से लाइसेंसी हथियार और कारतूस भी बरामद किए जाने की बात कही गई है।
दस्तावेज में दर्ज विवरण के मुताबिक, दोनों सुरक्षा गार्डों ने पूछताछ में बताया कि कोचिंग संस्थान के बाहर बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए थे। इसी दौरान कथित रूप से संस्थान से जुड़े एक वरिष्ठ व्यक्ति द्वारा फायरिंग करने का निर्देश दिया गया, जिसके बाद दोनों ने दो-दो राउंड फायर किए।
हालांकि, यह ध्यान देने योग्य है कि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी न्यायिक प्रक्रिया और पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी। फिलहाल दस्तावेज में दर्ज बातें आरोपों और पूछताछ के कथित बयानों पर आधारित हैं।
पुलिस ने मामले में संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है और जांच जारी है। वहीं, इस पूरे घटनाक्रम के बाद खान सर और उनके संस्थान को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं।
- सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के बाद मामला चर्चा में आया।
- पुलिस ने दो सुरक्षा गार्डों को हिरासत में लेकर पूछताछ की।
- आवेदन में फायरिंग को लेकर वरिष्ठ के निर्देश मिलने का आरोप।
- लाइसेंसी हथियारों से फायरिंग किए जाने का दावा।
- मामले की जांच जारी, अंतिम सच्चाई जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगी।
दस्तावेज में दर्ज आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। किसी भी व्यक्ति को कानूनन दोषी तब तक नहीं माना जाता जब तक अदालत या सक्षम जांच एजेंसी द्वारा आरोप सिद्ध न हो जाएं।























































Leave a comment