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औद्योगिक विकास निर्यात प्रोत्साहन से उ0प्र0 प्रगति के पथ पर तेजी से अग्रसरः नन्दी

लखनऊ: 15 जुलाई, 2022 उत्तर प्रदेश सरकार के औद्योगिक विकास, निर्यात प्रोत्साहन, एन0आर0आई0 तथा निवेश प्रोत्साहन विभाग के मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता ‘नन्दी‘ ने आज यहां लोकभवन में प्रेस प्रतिनिधियों को अपने विभाग की 100 दिन की उपलब्धियाँ बताईं। उन्होंने बुन्देलखण्ड एक्सप्रेसवे के बारे में बताया कि 97.71 प्रतिशत निर्माण पूर्ण हो गया है मुख्य कैरियेज-वे का शीघ्र शुभारम्भ होगा और माननीय प्रधनमंत्री द्वारा 16 जुलाई को उद्घाटन किया जायेगा। इसके अलावा बलिया लिंक एक्सप्रेसवे भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा उ0प्र0 औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) के सहयोग से कार्यान्वित किया जायेगा। परियोजना हेतु भूमि अधिग्रहण में को सहायता प्रदान करने के लिये दिनाक 24 अप्रैल, 2022 को यूपीडा द्वारा एमओयू किया गया है।
श्री नन्दी ने निवेश प्रोत्साहन के बारे में बताते हुये कहा कि 03 जून 2022 को  प्रधानमंत्री  एवं माननीय रक्षा मंत्री जी की उपस्थिति में तीसरे ग्राउंड ब्रेकिंग समारोह में 80,224 करोड़ रूपये की 1,406 निवेश परियोजनाओं का शुभारम्भ किया गया जिनमें 5,00,000 रोजगार संभावित है। उन्होंने कहा कि पीएम गति शक्ति राष्ट्रीय महायोजना के अन्तर्गत पीएम गति शक्ति पोर्टल का शुभारम्भ किया गया जिससे पीएम गति शक्ति राष्ट्रीय महायोजना का शुभारम्भ करने वाला उत्तर प्रदेश अग्रणी राज्यों में से एक बन गया है। उन्होंने कहा कि एक्सप्रेसवेज के किनारे औद्योगिक कोरिडोर्स के विकास हेतु सलाहकार नियुक्त कर दिया गया है। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे तथा गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे के किनारे 4-परिक्षेत्रों को चिन्हित किया गया है- बाराबंकी, अमेठी, गाजीपुर, गोरखपुर और जौनपुर। इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टरों के विकास के लिए बांदा एवं जालौन जनपदों में भूमि चिन्हित की गयी है।
औद्योगिक विकास मंत्री ने बताया कि अटल इण्डस्ट्रियल इन्फ्रास्ट्रक्चर मिशन के अन्तर्गत राज्य में विद्यमान औद्योगिक क्षेत्रों में विकास के लिए इस मिशन का शुभारम्भ किया गया है। मिशन के क्रियान्वयन के लिए वित्तीय वर्ष 2022-23 में 100 करोड़ रूपये का बजट आवंटित किया गया है। बीआरएपी-2022 के अंतर्गत भारत सरकार द्वारा चिन्हित किये गए राज्य के समस्त 26 विभागों द्वारा कार्यवाही की जा रही है। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के लिए 152 सुधार तथा ईज ऑफ लिविंग के लिए 45 सुधारों को लागू किया गया है।
श्री नंदी ने निर्यात प्रोत्साहन के बारे में बताया कि विगत पांच वर्षों में प्रदेश का निर्यात बढ़ कर लगभग दो गुना हुआ है। उन्होंने कहा कि निर्यातपरक योजनाओं का सरलीकरण किया गया है, आईसी.डी/सी.एफ.एस. के साथ ट्रक के द्वारा माल परिवहन की स्थिति में भी फ्रेट प्रतिपूर्ति दिये जाने की व्यवस्था है। देश के समस्त हवाई अड्डों से उत्तर प्रदेश स्टेट ऑफ ओरिजन का माल निर्यात करने पर प्रतिपूर्ति प्रदान किये जाने की व्यवस्था की गयी है। इसके अलावा वर्चुअल बी.एस.एम. अनुमन्य हैं, समस्त योजनायें पूर्णतः ऑनलाईन है, देय उपादान राशि में उल्लेखनीय वृद्धि हुयी है। निर्यात सम्बंधी समस्त जानकारियां एक ही प्लेट फार्म पर उपलब्ध कराये जाने के उद्देश्य से निर्यात सारथी ऐप के विकास की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है।
औद्योगिक विभाग मंत्री ने एन.आर.आई का परिचय दिया और इसकी मुख्य विशेषतायें बतायीं। उन्होंने बताया कि प्रवासी भारतीय विभाग की स्थापना 10-जुलाई 2014 को हुयी थी। उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम (यूपीएफसी) को प्रवासी रोजगार के लिये राज्य भर्ती एजेंसी (यूपीएफसी प्रवासी जनशक्ति भर्ती एजेंसी) के रूप में कार्य करने के लिये नामित किया गया है। इस हेतु लाइसेंस विदेश मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा जारी किया गया है, जो वर्ष 2026 तक वैध है।
श्री नन्दी ने बताया कि वार्षिक यूपी प्रवासी दिवस का आयोजन वर्ष 2016 आगरा, 2017 लखनऊ और 2019 वाराणसी और सम्मान पुरस्कार कुल संख्या 50 उत्तर प्रदेश डायस्पोरा से सम्पर्क और एनआरआई/पीआईओ से निवेश प्रोत्साहन, भारतीय दूतावासों और यूपी डायस्पोरा संघों के साथ सम्न्वय बनाते हुये प्रवासी भारतीयों के लिये एक विशिष्ट पहचान के रूप में एनआरआई कार्ड जारी किया गया। प्रवासियों की शिकायत निवारण और कल्याण हेतु शिकायत निवारण पोर्टल का 24 अगस्त-2020 को  मुख्यमंत्री  द्धारा शुभारंभ किया गया। प्रवासी रोजगार, कौशल उन्नयन और सुरक्षित और वैध उत्प्रवासन को बढ़ावा देने के लिए प्रवासियों को विभिन्न सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं।
इस अवसर पर राज्य मंत्री औद्योगिक विकास जसवंत सैनी, औद्योगिक विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव  अरविन्द कुमार के अलावा  अवनीश अवस्थी  नवनीत सहगल और अन्य अधिकारीगण मौजूद रहे।


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