ग्राम प्रधान संगठन उत्तर प्रदेश ने मुख्यमंत्री को सौंपा पांच सूत्रीय मांगपत्र, पंचायत व्यवस्था सुधार की उठाई आवाज़
देवरिया।बरजह ,ग्राम प्रधान संगठन उत्तर प्रदेश द्वारा पंचायत व्यवस्था को सुदृढ़ और सुचारु रूप से संचालित करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री को एक विस्तृत पांच सूत्रीय मांगपत्र सौंपा गया है। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष कौशल किशोर पाण्डेय के नेतृत्व में दिए गए इस ज्ञापन में ग्राम पंचायतों से जुड़ी कई महत्वपूर्ण समस्याओं और उनके समाधान की मांग की गई है।
मांगपत्र में प्रमुख रूप से मनरेगा सहित सभी लंबित भुगतानों को शीघ्र कराने की मांग की गई है, ताकि ग्राम पंचायतों पर कोई बकाया न रहे और विकास कार्यों में तेजी लाई जा सके। इसके साथ ही ग्राम सभा से संबंधित विकास कार्यों की स्वीकृतियां एक सप्ताह के भीतर जारी करने की मांग भी उठाई गई है।
संगठन ने वर्ष 2025-26 के लंबित कार्यों तथा वर्ष 2026-27 की नई कार्ययोजनाओं को समयबद्ध तरीके से लागू कराने हेतु प्रशासन और पंचायत सचिवों को आवश्यक निर्देश देने की मांग की है। साथ ही पंचायतों में पर्याप्त धनराशि उपलब्ध कराने की बात भी कही गई है, जिससे विकास कार्य बाधित न हों।
ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि वर्तमान समय में ग्राम प्रधानों के सामने कई प्रशासनिक और सामाजिक चुनौतियां हैं, जिनके समाधान के लिए उन्हें सुरक्षा व्यवस्था और सम्मानजनक वातावरण मिलना जरूरी है। ग्राम प्रधानों के खिलाफ बिना ठोस आधार के कार्रवाई न किए जाने तथा उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान करने की भी मांग की गई है।
इसके अलावा पंचायत सचिवों द्वारा डोंगल के माध्यम से संयुक्त खाते के संचालन की व्यवस्था को लागू करने और ग्राम प्रधानों की कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया है।
संगठन ने सरकार से अपील की है कि जनहित को ध्यान में रखते हुए इन मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लिया जाए, जिससे ग्रामीण विकास को गति मिले और गांवों के अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंच सके।























































Leave a comment