पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग तेज, राष्ट्रपति के नाम भेजा गया ज्ञापन
•देशभर के पत्रकारों की सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों की रक्षा के लिए कठोर कानून बनाने की उठी मांग
नई दिल्ली/ललितपुर। देशभर में पत्रकारों की सुरक्षा और स्वतंत्र पत्रकारिता को मजबूत करने की मांग एक बार फिर जोर पकड़ रही है। इसी क्रम में आइडियल पत्रकार संगठन (आई.पी.एस.) के झांसी मंडल अध्यक्ष चरन सिंह ने महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू के नाम एक विस्तृत ज्ञापन प्रेषित कर पत्रकारों की सुरक्षा, सम्मान और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए राष्ट्रीय स्तर पर कठोर पत्रकार सुरक्षा कानून बनाने की मांग की है।
ज्ञापन में कहा गया है कि भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है, जहां पत्रकारिता को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ माना जाता है। पत्रकार दिन-रात जनहित से जुड़े मुद्दों को उजागर कर शासन और जनता के बीच सेतु का कार्य करते हैं। भ्रष्टाचार, अपराध, प्रशासनिक अनियमितताओं तथा सामाजिक समस्याओं को सामने लाकर लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करने में मीडिया की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। इसके बावजूद देश के विभिन्न हिस्सों में पत्रकारों को धमकी, हमले, झूठे मुकदमे, अभद्र व्यवहार और मानसिक उत्पीड़न जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि कई बार समाचार संकलन के दौरान पत्रकारों को उनके वैध कार्य से रोका जाता है, कैमरे और मोबाइल फोन छीन लिए जाते हैं तथा समाचार प्रकाशित या प्रसारित न करने के लिए दबाव बनाया जाता है। इस प्रकार की घटनाएं केवल पत्रकारों के अधिकारों का हनन नहीं हैं, बल्कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक मूल्यों पर भी सीधा प्रहार हैं।
चरन सिंह ने राष्ट्रपति से आग्रह किया है कि पत्रकारों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए संसद में पत्रकार सुरक्षा कानून बनाया जाए, जिसमें पत्रकारों पर हमले, धमकी, गाली-गलौज, मारपीट और उत्पीड़न करने वालों के विरुद्ध कठोर दंड का प्रावधान हो। साथ ही सरकारी अथवा गैर-सरकारी अधिकारियों द्वारा पत्रकारों के साथ दुर्व्यवहार की स्थिति में त्वरित विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
ज्ञापन में यह भी मांग की गई है कि पत्रकारों पर दर्ज झूठे और दुर्भावनापूर्ण मुकदमों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई हो। प्रत्येक राज्य और जिले में पत्रकार सुरक्षा प्रकोष्ठ का गठन किया जाए, जहां पत्रकार अपनी शिकायत दर्ज करा सकें और उन्हें समयबद्ध न्याय मिल सके। इसके अतिरिक्त पत्रकारों के लिए राष्ट्रीय स्तर पर बीमा, आकस्मिक सहायता, सुरक्षा एवं कल्याणकारी योजनाएं लागू करने की मांग भी की गई है। ज्ञापन में कहा गया है कि प्रेस की स्वतंत्रता को प्रभावी बनाने के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएं, ताकि कोई भी अधिकारी पत्रकारों के संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन न कर सके। चरन सिंह ने कहा कि पत्रकार केवल समाचार नहीं लिखते, बल्कि लोकतंत्र को सशक्त बनाने का कार्य करते हैं। ऐसे में उनकी सुरक्षा और गरिमा सुनिश्चित करना राष्ट्रहित में अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि राष्ट्रपति इस जनहित एवं राष्ट्रहित के विषय पर संवेदनशीलता के साथ विचार करते हुए केंद्र सरकार को आवश्यक पहल करने के लिए निर्देशित करेंगी। पत्रकार संगठनों का मानना है कि यदि देश में प्रभावी पत्रकार सुरक्षा कानून लागू होता है तो इससे निष्पक्ष और निर्भीक पत्रकारिता को बढ़ावा मिलेगा, पत्रकारों में सुरक्षा की भावना विकसित होगी तथा लोकतंत्र का चौथा स्तंभ और अधिक मजबूत होकर जनता के हित में कार्य कर सकेगा। ज्ञापन को लेकर पत्रकारों और सामाजिक संगठनों में सकारात्मक चर्चा हो रही है तथा इसे पत्रकार हितों की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।























































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