सरस मेले में स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों की लगी है प्रदर्शनी, स्टालों पर बिक्री भी हो रही
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के निर्देशों के क्रम में राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के संयोजन में उत्तराखंड भवन विभूति खण्ड गोमतीनगर लखनऊ में सरस मेला लगा हुआ है, जो 8 अप्रैल 2025 तक चलेगा। इस मेले की शुरुआत 30 मार्च 2025 से हुयी है।
इस मेले में उत्तर प्रदेश के लगभग सभी जनपदों से स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं के उत्पादों के साथ-साथ अन्य राज्य जैसे बिहार राज्य से खिलौने, अचार- पापड़, बैग उत्तराखंड से सूत से बनी गुड़िया, देसी गाय का घी, पहाड़ी दालें, उड़ीसा से लेदर का सम्मान, हैंडीक्राफ्ट के उत्पाद, केरल से लकड़ी के बने उत्पाद एवं साड़ी, महाराष्ट्र से काजू, किशमिश, असम से रेडीमेड गार्मेंट आदि से भी समूहों की महिलाओं द्वारा बनाये जा रहें विशिष्ट उत्पादों का प्रदर्शन एवं उनकी बिक्री की जा रहीं है
उत्तर प्रदेश से मुख्य रूप से प्रतापगढ़ से आँवला से बने उत्पाद, कानपुर देहात से साड़ी सूट, गोरखपुर से टेराकोटा का उत्पाद, उन्नाव की साड़ी एवं सूट, बागपत की प्रसिद्ध बेड शीट आदि बिक्री के लिए उपलब्ध है, साथ ही साथ खान-पान के कई स्टाल लगाए गया हैं।
राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की मिशन निदेशक दीपा रंजन ने बताया कि उप मुख्यमंत्री के निर्देशो के अनुपालन में आयोजित इस सरस मेले का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं की आजीविका को बढ़ाने हेतु विशेष प्रयास करते हुए उनके द्वारा बनाये गए उत्पादों को विक्रय करने का प्लेटफार्म प्रदान किया जाना है, जिससे उनकी आजीविका संवर्धन हो सके। दीदियों की आय में इजाफा करने के लिए मिशन द्वारा विभिन्न गतिविधियों की श्रंखला में सरस मेलों का आयोजन किया जा रहा है। यहां उपलब्ध सभी सामान उचित दामों में उपलब्ध है।ऐसे उत्पादों को सरस मेला में आकर लिया जा सकता है। इसी तरह के सरस मेले का आयोजन अयोध्या में चल रहा है और गोरखपुर में सरस मेले का आयोजन सम्पन्न हो चुका है।
सरस मेले के दौरान प्रतिदिन शाम को सांस्कृतिक कार्यक्रमों जैसे-लोकगायन, अवधी लोकगायन, लोकनृत्य, कथक नृत्य, जादू, कठपुतली, आदि का भी आयोजन किया जा रहा है।
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