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आजमगढ़: एक लाख रुपये और बाइक की दहेज मांग पूरी न होने पर बहू की हत्या, कोर्ट ने 5 दोषियों को सुनाई उम्रकैद

आजमगढ़। ऑपरेशन कनविक्शन अभियान के तहत आजमगढ़ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। दहेज की मांग पूरी न होने पर बहू की हत्या के मामले में जिला एवं सत्र न्यायाधीश न्यायालय ने पांच दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाते हुए प्रत्येक पर 50-50 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है।

 

यह मामला थाना सरायमीर क्षेत्र के निजामुद्दीन पट्टी गांव का है। 18 मई 2017 को वादी मदनलाल पुत्र हरिकरन ने पुलिस को तहरीर देकर आरोप लगाया था कि उनकी पुत्री विमला की ससुराल पक्ष के लोगों ने एक लाख रुपये नकद और मोटरसाइकिल की दहेज मांग पूरी न होने पर हत्या कर दी।

 

तहरीर के आधार पर थाना सरायमीर में पति हरेन्द्र, देवर कलेन्द्र, ससुर भोपल, जेठ राजेन्द्र तथा सास दुर्गावती के विरुद्ध मुकदमा अपराध संख्या 95/2017 के तहत भारतीय दंड संहिता की धाराओं 498ए, 304बी, 302, 34 एवं दहेज प्रतिषेध अधिनियम की धारा 3/4 में मामला दर्ज किया गया था। विवेचना पूर्ण होने के बाद पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया।

 

मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से 12 गवाहों को न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। पुलिस की गुणवत्तापूर्ण विवेचना, मॉनिटरिंग सेल की सतत निगरानी और अभियोजन की प्रभावी पैरवी के आधार पर 12 जून 2026 को माननीय जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने पांचों आरोपियों को दोषी करार दिया।

 

न्यायालय ने हरेन्द्र पुत्र भोपल, कलेन्द्र पुत्र भोपल, भोपल पुत्र मंजू, राजेन्द्र पुत्र भोपल तथा दुर्गावती पत्नी भोपल को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही प्रत्येक दोषी पर 50,000 रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। जुर्माना अदा न करने की स्थिति में अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

 

आजमगढ़ पुलिस के अनुसार, ऑपरेशन कनविक्शन के तहत दहेज हत्या सहित अन्य गंभीर अपराधों में प्रभावी विवेचना और मजबूत पैरवी के जरिए दोषियों को शीघ्र सजा दिलाने का अभियान लगातार जारी है। लगभग नौ वर्ष बाद पीड़ित परिवार को इस मामले में न्याय मिला है।


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