विश्राम राय और रामबचन यादव की स्मृति में कल निकलेगी पदयात्रा
‘हमारा गांव, हमारा सवाल’ अभियान के जरिए किसानों, मजदूरों और नौजवानों से होगा सीधा संवाद
आजमगढ़। समाजवादी चिंतक एवं किसान नेता बाबू विश्राम राय और रामबचन यादव की स्मृति में रविवार को पदयात्रा का आयोजन किया जाएगा। ‘हमारा गांव, हमारा सवाल’ अभियान के तहत निकलने वाली यह पदयात्रा सुबह 9 बजे बाबू विश्राम राय की जन्मस्थली बीबीपुर से शुरू होगी। पदयात्रा के दौरान किसानों, मजदूरों, नौजवानों और आम ग्रामीणों से संवाद कर उनकी समस्याओं और स्थानीय मुद्दों को सामने लाया जाएगा।
सोशलिस्ट किसान सभा के महासचिव राजीव यादव और पूर्वांचल किसान यूनियन के महासचिव विरेंद्र यादव ने कहा कि पदयात्रा के माध्यम से एक ओर समाजवादी नेताओं, स्वतंत्रता सेनानियों, लोकतंत्र सेनानियों, जनवादी लेखकों एवं साहित्यकारों के योगदान को याद किया जाएगा, वहीं दूसरी ओर ‘हमारा गांव, हमारा सवाल’ अभियान के जरिए गांवों की जमीनी हकीकत और जनता की समस्याओं को सरकार के सामने रखा जाएगा।
जनता से जुड़े इन मुद्दों को उठाएगी पदयात्रा
किसान नेताओं ने बताया कि पदयात्रा के दौरान प्रमुख रूप से निम्न मांगों और समस्याओं को उठाया जाएगा—
- सरकारी स्कूलों और अस्पतालों की बदहाली दूर की जाए।
- निजी स्कूलों और अस्पतालों में कथित लूट पर रोक लगाई जाए।
- जर्जर सड़कों की मरम्मत कराई जाए तथा ब्लॉक और तहसील स्तर पर भ्रष्टाचार पर प्रभावी अंकुश लगाया जाए।
- देश में समान शिक्षा व्यवस्था लागू की जाए।
- नौजवानों को रोजगार उपलब्ध कराया जाए।
- फसलों के एमएसपी को कानूनी गारंटी देने के लिए कानून बनाया जाए।
- महंगाई को देखते हुए धान और गेहूं का समर्थन मूल्य 6,000 रुपये प्रति कुंतल तथा गन्ने का मूल्य 1,000 रुपये प्रति कुंतल घोषित किया जाए।
- नहरों से खेतों तक पानी पहुंचने की गारंटी सुनिश्चित की जाए।
- साधन सहकारी समितियों और किसान सेवा केंद्रों पर खाद, बीज एवं कीटनाशक पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराया जाए।
- धान क्रय केंद्रों को हर हाल में 1 नवंबर से संचालित किया जाए।
पदयात्रा में गूंजेंगे किसानों और युवाओं के नारे
पदयात्रा के दौरान ‘अमीर हो या गरीब की संतान, सबको शिक्षा एक समान’, ‘राष्ट्रपति का बेटा हो या चपरासी की संतान, सबको शिक्षा एक समान’, ‘रोजगार नहीं तो सरकार नहीं’, ‘जब तक दुखी किसान रहेगा, धरती पर तूफान रहेगा’, ‘कौन बनाता हिंदुस्तान—भारत का मजदूर किसान’, ‘जबरिया भूमि अधिग्रहण पर रोक लगाओ’ तथा ‘जिसकी जितनी भागीदारी, उसकी उतनी हिस्सेदारी’ जैसे नारे लगाए जाएंगे।
किसान नेताओं ने कहा कि यह पदयात्रा केवल एक कार्यक्रम नहीं बल्कि गांव की समस्याओं को गांव से उठाकर सरकार तक पहुंचाने का जनसंवाद अभियान है। यात्रा के दौरान गांव-गांव पहुंचकर लोगों की समस्याएं सुनी जाएंगी और उनके सवालों को व्यापक स्तर पर उठाया जाएगा।
उन्होंने आम जनता, सामाजिक कार्यकर्ताओं, शिक्षकों, किसानों और मजदूरों से पदयात्रा में शामिल होकर ‘हमारा गांव, हमारा सवाल’ अभियान को मजबूत बनाने की अपील की।
जारीकर्ता—
विरेंद्र यादव
महासचिव, पूर्वांचल किसान यूनियन
राजीव यादव
महासचिव, सोशलिस्ट किसान सभा























































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