धर्म छिपाकर शादी का आरोप, 17 साल बाद ससुराल पहुंची महिला; घर में प्रवेश से रोका
आजमगढ़। सगड़ी क्षेत्र में एक महिला ने मुस्लिम युवक पर कथित तौर पर अपनी धार्मिक पहचान छिपाकर करीब 17 वर्ष पहले शादी करने का आरोप लगाया है। महिला का दावा है कि युवक ने खुद को हिंदू बताकर उससे विवाह किया और इस दौरान दोनों से तीन बेटियां हुईं। युवक की वास्तविक पहचान सामने आने के बाद महिला ने कई बार विरोध किया।
मंगलवार को मऊ जनपद के घोसी थाना क्षेत्र के पीऊवा पकड़ी निवासी पूर्णिमा सिंह अपने तीन बच्चों के साथ जीयनपुर क्षेत्र के बागखालीस स्थित कथित पति अदनान अहमद के घर पहुंची। महिला के अनुसार, उसने परिवार से रहने के लिए मकान और जमीन की मांग की, लेकिन परिवार के लोगों ने उसे घर में प्रवेश करने से रोक दिया।
इसके बाद महिला अपनी तीन बेटियों के साथ घर के सामने धरने पर बैठ गई और करीब दो घंटे तक हंगामा किया। सूचना मिलने पर जीयनपुर पुलिस मौके पर पहुंची और महिला को समझाने का प्रयास किया। काफी देर बाद पुलिस ने उसे न्यायालय के माध्यम से अपने अधिकार और हिस्से का दावा करने की सलाह देते हुए वापस भेज दिया।
लखनऊ में हुई थी मुलाकात
पूर्णिमा सिंह ने जीयनपुर कोतवाली में दी गई तहरीर में आरोप लगाया कि वर्ष 2012 में वह ट्रेनिंग के सिलसिले में लखनऊ गई थी। वहीं शक्ति भवन में उसकी मुलाकात अदनान अहमद से हुई। महिला का आरोप है कि अदनान ने उस समय अपना नाम रुद्र प्रताप सिंह उर्फ रिंपी सिंह बताया और अपनी वास्तविक धार्मिक पहचान छिपाकर उसे अपने विश्वास में लिया तथा बाद में उससे शादी कर ली।
महिला के मुताबिक, शादी के बाद उसे तीन बेटियां हुईं। बाद में जब उसे पति की वास्तविक पहचान की जानकारी हुई तो उसने इसका विरोध किया।
पति के जेल जाने का भी दावा
महिला ने बताया कि वर्ष 2016 में अदनान एक हत्या के मामले में जेल चला गया और तब से जेल में ही है। इस दौरान वह लखनऊ में लॉन्ड्री का काम कर अपनी और बच्चों की जरूरतें पूरी करती रही।
महिला का आरोप है कि वर्ष 2022 में उसने अलग रहने के लिए अदनान के परिवार से जमीन मांगी थी। उस समय भी विवाद हुआ था। पुलिस के अनुसार, परिवार की ओर से उसे कुछ जमीन दिए जाने की बात सामने आई है, जिसे महिला द्वारा बेचकर चले जाने की बात भी पुलिस ने बताई है।
घर में प्रवेश को लेकर फिर हुआ विवाद
मंगलवार को महिला दोबारा बागखालीस स्थित मकान पर पहुंची और परिवार से रहने के लिए मकान एवं जमीन की मांग की। महिला का आरोप है कि परिवार की महिला सदस्य और अन्य लोगों ने उसे घर से बाहर कर दिया और दरवाजे पर ताला लगा दिया। इसके बाद वह अपने बच्चों के भविष्य को लेकर घर के सामने धरने पर बैठ गई।
जीयनपुर कोतवाल संजय सिंह पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद पुलिस ने महिला को समझाया और उसके अधिकारों के लिए न्यायालय की शरण लेने की सलाह दी।
पुलिस का कहना है कि महिला के आरोपों और संपत्ति संबंधी दावों का निस्तारण न्यायालय के माध्यम से किया जा सकता है। मामले में महिला द्वारा लगाए गए आरोपों की पुष्टि संबंधित कानूनी प्रक्रिया और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही होगी।





















































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