हनुमान जी के संसार में जीवों का करते हैं दुख दूर ।
देवरिया।बरहज नगर के पचौहा में चल रहे श्री राम कथा के विश्राम दिवस पर आचार्य विशंबर जी महाराज ने हनुमत चरित्र के कथा का रसपान कराते हुए कहा कि
हनुमान जी ही यह कैसे देवता है जो चराचर जगत के संकट को मिटा सकते हैं रामचरितमानस से उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि मां जानकी के बिरह में प्रभु श्री राम व्यथित व्याकुल रहे ऐसे में हनुमान जी ने माता जानकी का पता लगाकर राम जी का संदेश जानकी जी को दिया और जानकी जी का संदेश प्रभु श्री राम तक ले जानकी जी ने यहां तक कह दिया कि अगर हनुमान तुम ना होते तुम मेरे प्राणों की रक्षा कौन करता जब माता जानकी जी अशोक के वृक्ष से अग्नि की याचना कर रही थी और त्रिजटा से चीता सजाने की बात कर रही थी ऐसे में हनुमान जी ने मां जानकी को राम कथा सुना कर उन्हें बचा लिया लक्ष्मण को शक्ति लगने पर भगवान फूट-फूट कर रोने लगे ऐसे में सुषेन वैद के कहने पर द्रोणाचल पर्वत से संजीवनी लाकर लक्ष्मण के प्राणों की रक्षा की। और 14 बरस के अंतिम चरणों में जब भरथ जी प्रभु श्री राम के आगमन की प्रतीक्षा कर रहे थे सूर्यास्त होने वाला था राम के बिरह में भरथ जी का डूब रहा था ऐसे में हनुमान जी ने आकर के प्रभु के आगमन का संदेश भरथ जी को दिया
हनुमान जी ने कहा कि
रिपु रन जीत सुजत सुर गावत।
सीता अनुज सहित प्रभु आवत।
मानो भरथ को एक नया जीवन हनुमान जी ने दे दिया इसीलिए हनुमान जी को कहां जाता है कि संसार के सारे दुखों का अंत हनुमान जी कर सकते हैं
और देवता चित्त न धरही
हनुमत सेई सदा सुख करही।।
कथा के दौरान आश्रम पीठाधीश्वर आजनेय दास जी महाराज,संत पारस जी महराज , नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती श्वेता जायसवाल नथुनी प्रसाद रतन बर्मा भा ज पा
नेता अमित जयसवाल, अमरजीत सोनकर,अंश फाउंडेशन ट्रस्ट के अध्यक्ष अभय पांडेय,उदय भान पाल ,पतरू पाल, विद्या निवास मिश्र, पुजारी विद्या सागर मिश्र,राघवेंद्र शुक्ल ,राम विलास, रतन मिश्र, मनोज सिंह ,सोनू सिंह,मोनू सिंह ,बैजनाथ पाल ,राजेंद्र, रविंद्र महाराज ,राजेश सिंह, विनोद गुप्ता, मनोज मिश्रा, मनोज पटेल, लाल साहब यादव,शकुंतला देवी, लाल परी, किसमावती देवी ,अर्चना ,हरिशंकर, रामाज्ञा,दीनदयाल पाल वीरेंद्र कुमार,ध्रुवधर जी द्विवेदी, बिरेंद्र मिश्र सहित सैकड़ो की संख्या में श्रद्धालु जन उपस्थित रहे।

























































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