रात की बिजली कटौती से परेशान समस्त उपकेंद्रों पर पहुंचे भाजपा नेता सत्येंद्र राय
•रविवार को उपकेंद्रों का किया निरीक्षण, अधिकारियों से कहा “जनता को गर्मी में राहत मिलनी चाहिए”
आजमगढ़ जनपद में भीषण गर्मी और लगातार हो रही रात्रिकालीन बिजली कटौती से परेशान जनता की समस्या को गंभीरता से लेते हुए भाजपा के पूर्व प्रत्याशी सत्येंद्र राय अपनी पूरी टीम के साथ रविवार को पूरा दिन विभिन्न विद्युत उपकेंद्रों पर पहुंचे और वहां की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों से सीधा संवाद कर आम जनता को राहत दिलाने की बात कही।
सत्येंद्र राय ने गोपालपुर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत विद्युत उपकेंद्र पटवध कौतुक, बिलरियागंज टाउन एवं रूरल, रौनापार, सरदहां, महराजगंज, मऊ कुतुबपुर तथा अंडाखोर उपकेंद्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने वहां मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों से रात्रि में हो रही बिजली कटौती के कारणों की जानकारी ली और कहा कि इस भीषण गर्मी में जनता को रातभर बिजली मिलना बेहद जरूरी है।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने बताया कि अधिकांश कटौती स्थानीय स्तर से नहीं बल्कि मुख्यालय से रोस्टिंग के तहत कोडिंग व्यवस्था से की जाती है। उन्होंने कहा कि दिन की अपेक्षा रात में लोड लगभग दोगुना हो जा रहा है, जिससे ट्रांसफार्मर अधिक गर्म होकर ट्रिप कर रहे हैं और कई जगह विद्युत तार भी जलने लग रहे हैं। यही कारण है कि तकनीकी समस्या के चलते कई बार रात में सप्लाई बाधित करनी पड़ती है। हालांकि अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि प्रयास किया जाएगा कि अधिक से अधिक समय तक निर्बाध बिजली आपूर्ति जारी रहे।
सत्येंद्र राय ने अधिकारियों से स्पष्ट कहा कि गर्मी में आम आदमी सबसे ज्यादा बिजली संकट से परेशान है। छोटे बच्चे, बुजुर्ग और मरीज रातभर जागने को मजबूर हैं। उन्होंने कहा कि जनता की परेशानी को देखते हुए हर संभव प्रयास कर बिजली आपूर्ति बेहतर बनाई जाए।
उन्होंने बताया कि इस समस्या को लेकर वह कल मुख्य अभियंता से भी मुलाकात करेंगे और वार्ता कर क्षेत्र में निर्बाध विद्युत सप्लाई सुनिश्चित कराने की मांग रखेंगे। सत्येंद्र राय ने कहा कि पहले की अपेक्षा बिजली व्यवस्था में सुधार जरूर हुआ है, लेकिन भीषण गर्मी कें चलते अचानक लोड बढ़ने से तकनीकी समस्याएं सामने आ रही हैं और मशीनें अपने आप ट्रिप कर जा रही हैं।
दिन में उपकेंद्रों पर पहुंचे सत्येंद्र राय को देखकर स्थानीय लोगों ने भी अपनी समस्याएं खुलकर बताईं। लोगों ने कहा कि जब जनप्रतिनिधि और नेता खुद जमीन पर उतरकर समस्याएं सुनते हैं तो जनता को उम्मीद बंधती है कि उनकी आवाज ऊपर तक पहुंचेगी।
























































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