तालाब-नदियों से बच्चों को दूर रखें, जर्जर नावों पर न करें सफर : डीएम
आजमगढ़, 18 मई। जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार ने जनपदवासियों से अपील की है कि गर्मी के मौसम में बच्चों को तालाब, पोखर और नदियों में स्नान करने से रोकें तथा जल स्रोतों के पास अकेला न छोड़ें। हाल के दिनों में डूबने की घटनाओं में बढ़ोतरी को देखते हुए उन्होंने कहा कि थोड़ी सी लापरवाही बड़े हादसे का कारण बन सकती है।
डीएम ने कहा कि गर्मी में बच्चे अक्सर तालाब या नदियों में नहाने चले जाते हैं, जो उनकी जान के लिए खतरा बन सकता है। अभिभावकों को बच्चों को सुरक्षित स्थानों पर खेलने के लिए प्रेरित करना चाहिए और पानी के पास मस्ती करने से रोकना चाहिए।
उन्होंने नाव यात्रा को लेकर भी सावधानी बरतने की सलाह दी। कहा कि जर्जर और टूटी-फूटी नावों पर यात्रा न करें। नाव साफ और सुरक्षित होनी चाहिए तथा उसकी भार क्षमता और लाइफ जैकेट की उपलब्धता की जांच अवश्य कर लें। छोटे बच्चों को अकेले नाव पर यात्रा न करने दें।
जिलाधिकारी ने चेतावनी दी कि शराब या किसी भी मादक पदार्थ का सेवन कर पानी में प्रवेश करना जानलेवा साबित हो सकता है। गहरे पानी में जाने, नाव से नाव पर कूदने और पानी में सेल्फी लेने जैसी गतिविधियों से भी बचना चाहिए।उन्होंने कहा कि जिन लोगों को तैरना नहीं आता, वे नदी, तालाब और पोखरों से दूरी बनाए रखें। पानी में खेलते समय धक्का-मुक्की या मजाक कई बार गंभीर हादसों का कारण बन जाता है। यदि कोई व्यक्ति डूब रहा हो तो तत्काल उसकी मदद करें, एम्बुलेंस बुलाएं और आवश्यकता पड़ने पर सीपीआर देकर नजदीकी अस्पताल पहुंचाएं।
प्रशासन ने कहा कि थोड़ी सी सावधानी और जिम्मेदारी से कई हादसों को रोका जा सकता है। डीएम ने कहा कि परिवार और समाज की सुरक्षाकेवल प्रशासन की नहीं, बल्कि हर नागरिक की जिम्मेदारी है।





















































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