मुल्क में अमन और अमान आपसी भाईचारे इंसानियत की भलाई के लिए मांगी दुआएं
देवरिया।बरहज तहसील क्षेत्र के जामा मस्जिद पैना में रमजान-उल-मुबारक की मुक़द्दस रातों में तरावीह की नमाज़ के दौरान कुरान-ए-पाक मुकम्मल होने के अवसर पर एक रूहानी महफिल और विदाई समारोह का आयोजन किया गया। इस मुक़द्दस मौके पर मशहूर आलीम-ए-दीन हाफ़िज़ व कारी इम्तियाज़ आलम साहब को उनकी शानदार खिदमत के लिए पुरखुलूस विदाई दी गई।
तरावीह की मुकम्मल अदायगी के बाद मस्जिद कमेटी और मुकामी ज़िम्मेदारों द्वारा कारी इम्तियाज़ आलम साहब के एहतराम में एक सम्मान समारोह आयोजित किया गया। कमेटी के सदस्यों ने हाफ़िज़ साहब को शॉल ओढ़ाकर, गुलदस्ता पेश कर और नज़राना भेंट कर उनका इस्तकबाल किया। नमाजियों ने उनके सुरीले और मखमली लहजे में कुरान सुनने पर अपनी ख़ुशी का इज़हार किया और उनके उज्जवल भविष्य के लिए नेक दुआएं दीं।
कार्यक्रम का सबसे भावुक और रूहानी हिस्सा दुआ-ए-खास रहा। हाफ़िज़ इम्तियाज़ आलम साहब ने इंतहाई खुशू-ओ-खुज़ू के साथ बारगाह-ए-इलाही में हाथ फैलाकर मुल्क में अमन-ओ-अमान, आपसी भाईचारे और पूरी इंसानियत की भलाई के लिए दुआएं मांगी। इस दौरान मौजूद सैकड़ों नमाजियों की आँखों में आँसू थे और पूरा माहौल 'आमीन' की सदाओं से गूँज उठा।
इस अवसर पर हाफ़िज़ साहब ने मस्जिद इंतजामिया और तमाम नमाजियों का शुक्रिया अदा करते हुए कहा कि यहाँ के लोगों की मोहब्बत और अनुशासन ने इस सफर को बहुत आसान और यादगार बना दिया।
अंत में, मस्जिद कमेटी के सदर और खजांची,मुतवल्ली ने सभी का आभार व्यक्त किया और हाफ़िज़ साहब की लंबी उम्र व सेहत के लिए दुआ की। कार्यक्रम के समापन पर सभी मौजूद लोगों के बीच शीरिनी (प्रसाद) का वितरण किया गया।इस मोकै पर हाजी मुहम्मद मुस्तफा वाजिद अली , मौलाना हसनेंन इर्शाद,जमशेद,अमजद,ग़ुलाम रसूल ,क़ुरैश,अनस हाजी मुहम्मद आरिफ ,रफीक,इम्तियाज़,बदरेआलम,वारिस,आफ़ताब मौजूद रहे


























































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