जागरूक लोग ही हो सकते हैं अच्छे सृजनकर्ता - प्रो.वशिष्ठ नारायण त्रिपाठी - बाबू धनंजय सिंह स्मृति व्याख्यान माला का आयोजन
जागरूक लोग ही हो सकते हैं अच्छे सृजनकर्ता - प्रो.वशिष्ठ नारायण त्रिपाठी
- बाबू धनंजय सिंह स्मृति व्याख्यान माला का आयोजनसुलतानपुर। सृजनशीलता समय और समाज के साथ चलती है। भारत के अनेक क्षेत्रों की सृजनशीलता में विभिन्नता के बावजूद एकात्मकता के दर्शन होते हैं। यह चुनौतियों से टकराने का समय है इसलिए मनुष्य को जागरूक होना पड़ेगा। जागरूक लोग ही अच्छे सृजनकर्ता हो सकते हैं।
यह बातें काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के प्रोफेसर वशिष्ठ नारायण त्रिपाठी ने कहीं।
वह राणा प्रताप स्नातकोत्तर महाविद्यालय हिन्दी विभाग द्वारा बाबू धनंजय सिंह स्मृति व्याख्यानमाला के अंतर्गत आयोजित संगोष्ठी को बतौर मुख्य अतिथि सम्बोधित कर रहे थे।
हमारा समय, समाज और सृजनशीलता विषयक संगोष्ठी में उन्होंने कहा कि साहित्य संस्कृति और कला समाज को दिशा देने का काम करते हैं लेकिन केवल भारत में ही नहीं वैश्विक स्तर पर भी इनकी भूमिका कम हो गई है। हम राजनीति के पिछलग्गू हो गये हैं। हम घर में रहते हुए भी अकेले हो गये हैं। परिवार के लोग अपनों के साथ नहीं मोबाइल के साथ समय बिता रहे हैं। ऐसे में सबको चेताने का काम सृजनकर्ताओं का है ।
बताया कि आज का समय विमर्शों का समय है। जिनमें अनेक तरह के विमर्शों के साथ अब प्रवासी साहित्य विमर्श भी चर्चा में आ रहा है।
संचालन करते हुए असिस्टेंट प्रोफेसर ज्ञानेन्द्र विक्रम सिंह रवि ने कहा कि सृजनशीलता हमेशा सामाजिक होती है। विचारधारा सृजनशील होने में मदद पहुंचाती है। आज के समय में हमारी विचारधारा हमारी अपनी है या उधार की है इस पर सोचना जरूरी है।
स्वागत प्राचार्य प्रोफेसर निशा सिंह व आभार ज्ञापन विभागाध्यक्ष प्रोफेसर इन्द्रमणि कुमार ने किया। इस अवसर पर कार्यक्रम संयोजक डॉ आलोक पाण्डेय , प्रोफेसर शैलेन्द्र प्रताप सिंह, प्रोफेसर धीरेंद्र कुमार, प्रोफेसर रंजना पटेल, डॉ.विभा सिंह, डॉ ज्ञानेन्द्र प्रताप सिंह, डॉ महमूद आलम , डॉ प्रदीप कुमार सिंह, डॉ संतोष अंश , यशमंत सिंह, डॉ भारती सिंह, डॉ शांतिलता , डॉ सीमा सिंह व डॉ हीरालाल यादव समेत शिक्षक व विद्यार्थी उपस्थित रहे। प्राचार्य व विभागाध्यक्ष ने मुख्य अतिथि को अंगवस्त्र, पुष्पगुच्छ व पुस्तक देकर सम्मानित किया।






















































Leave a comment