कृषि, पशुपालन और पर्यटन के एकीकृत विकास मॉडल पर चंडीगढ़ विश्वविद्यालय के विशेषज्ञों ने दिया प्रस्तुतीकरण
• यूपी में पशुओं के चारे की निर्बाध उपलब्धता पर मंथन, कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक
लखनऊ, 21 जुलाई। उत्तर प्रदेश के कृषि, कृषि शिक्षा एवं कृषि अनुसंधान मंत्री सूर्य प्रताप शाही की अध्यक्षता में मंगलवार को विधानसभा स्थित समिति कक्ष संख्या-44 (ख) में प्रदेश में पशुओं के लिए चारे की उपलब्धता सुनिश्चित करने को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य गोवंश एवं अन्य पशुओं के लिए चारे की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने तथा इसके लिए प्रभावी रणनीति तैयार करना रहा।
बैठक के दौरान चंडीगढ़ विश्वविद्यालय, उत्तर प्रदेश (उन्नाव) के वैज्ञानिकों एवं विशेषज्ञों ने कृषि, पशुपालन और पर्यटन के एकीकृत विकास मॉडल पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। विशेषज्ञों ने कृषि और पशुपालन को पर्यटन से जोड़कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के विभिन्न सुझाव प्रस्तुत किए।
बैठक में पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह और पशुपालन मंत्री धर्मपाल सिंह ने विशेषज्ञों के सुझावों की सराहना करते हुए कहा कि प्रस्तुत प्रस्तावों की विस्तृत समीक्षा की जाएगी तथा व्यवहारिक सुझावों को कार्ययोजना में शामिल करने के लिए आवश्यक सहयोग दिया जाएगा।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव पशुपालन मुकेश मेश्राम, प्रमुख सचिव कृषि रवींद्र, महानिदेशक उपकार डॉ. संजय सिंह, निदेशक कृषि डॉ. पंकज त्रिपाठी सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी एवं चंडीगढ़ विश्वविद्यालय, उन्नाव के वैज्ञानिक और विशेषज्ञ उपस्थित रहे।






















































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