श्रद्धा और भक्ति से ही भगवान की मिलती है कृपा।
देवरिया । दिव्य ज्योति जागृति संस्थान के तत्वावधान में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का व्यास साध्वी भाग्यश्री भारती ने पहले दिन ही श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कथा के प्रथम दिवस साध्वी भाग्यश्री भारती ने कहा, "भगवान श्रीकृष्ण की लीलाएं दिव्य खेल हैं। इन्हें अपनी संकीर्ण बुद्धि के तराजू से नहीं तौलना चाहिए। कृष्ण का हर कार्य लोक कल्याण और धर्म की स्थापना के लिए है।"
उन्होंने आगे कहा कि भागवत कथा केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला सिखाती है। "जब तक हम कृष्ण को तत्व से नहीं जानेंगे, तब तक उनकी लीलाओं का रहस्य नहीं समझ पाएंगे। श्रद्धा और भक्ति से ही भगवान की कृपा मिलती है।"
शहर के साकेत नगर स्थित कथा पंडाल में सैकड़ों श्रद्धालु पहुंचे। भक्तिमय माहौल में साध्वी जी ने मधुर भजनों के साथ कृष्ण जन्म की कथा सुनाई तो पंडाल "नंद के आनंद भयो" के जयकारों से गूंज उठा।
दिव्य ज्योति जागृति संस्थान देवरिया के प्रभारी ने बताया कि कथा 7 दिन चलेगी। रोज शाम 4 बजे से 7 बजे तक कथा होगी। पूर्णाहुति पर भंडारे का आयोजन किया जाएगा।
साध्वी भाग्यश्री भारती ने युवाओं से अपील की कि मोबाइल और नशे से दूर रहकर धर्म और संस्कारों से जुड़ें। "आज का युवा ही कल का भारत है। उन्होंने कहा कि भागवत से चरित्र निर्माण होता है।


























































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