ज्ञान, भक्ति और कर्म का संगम है श्रीमद्भागवत कथा : आचार्य कपार्दीनाथ तिवारी
कादीपुर, सुलतानपुर।क्षेत्र के ग्राम सभा हरीपुर में माधव यादव एवं उनके परिवार द्वारा आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के पंचम दिवस पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। कथा स्थल पर भक्तिमय वातावरण के बीच श्रद्धालु भक्ति रस में डूबे नजर आए।
व्यासपीठ से कथावाचक पूज्य आचार्य पं. श्री कपार्दीनाथ शास्त्री जी महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण की विविध बाल लीलाओं का अत्यंत मार्मिक एवं भावपूर्ण वर्णन किया। कथा के दौरान श्रद्धालु भाव-विभोर होकर हरिनाम संकीर्तन में लीन रहे।
अपने प्रवचन में आचार्य श्री ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान, भक्ति और कर्म का अद्भुत संगम है। उन्होंने बताया कि जब मनुष्य जीवन के अंतिम पड़ाव पर पहुंचता है, तब यदि वह अपने जीवन का कल्याण चाहता है, तो उसे श्रीमद्भागवत महापुराण का श्रवण अवश्य करना चाहिए। कथा श्रवण से व्यक्ति सांसारिक मोह-माया से मुक्त होकर परमात्मा में लीन हो जाता है तथा जन्म-मरण के चक्र से छुटकारा प्राप्त करता है।
इस अवसर पर कार्यक्रम में पहुंचे राज्य सूचना आयुक्त वीरेंद्र सिंह "वत्स" ने व्यासपीठ का पूजन एवं माल्यार्पण किया। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा समाज में समरसता, सद्भाव और आध्यात्मिक चेतना का संदेश देती है, जिससे समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
कथा के दौरान भजन-कीर्तन से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा।
श्रद्धालु देर तक भक्ति में लीन होकर कथा का आनंद लेते रहे।
इस अवसर पर मुख्य यजमान सहित आचार्य रघुवंशमणि तिवारी, मनोज सिंह, धर्मदेव शर्मा, आलोक सिंह, आयुष सिंह, नितिन तिवारी, हर्षित सिंह, जितेन्द्र उपाध्याय, सुभाष शर्मा, डब्लू यादव, जितेन्द्र खरवार सहित क्षेत्र के अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

























































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