सुदामा चरित्र की कथा सुन भावुक हुए श्रद्धालु। आचार्य श्याम बिहारी जी महाराज
देवरिया।सलेमपुर के बरौली स्थित नवनिर्मित राधा-कृष्ण मंदिर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में अष्टम दिवस पर श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। पूरा पंडाल श्रोताओं से खचाखच भरा रहा और वातावरण भक्ति रस में सराबोर हो गया।
वृंदावन धाम से पधारे सुप्रसिद्ध कथावाचक आचार्य श्याम बिहारी चतुर्वेदी ने अष्टम दिवस की कथा में सुदामा चरित्र का अत्यंत भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण के परम मित्र सुदामा जी जब द्वारका पुरी पहुंचे, तो उनकी दयनीय अवस्था देखकर भगवान की आंखें भर आईं। भगवान ने अत्यंत प्रेम और स्नेह के साथ उनका स्वागत किया और पुराने स्नेह को स्मरण करते हुए भावुक हो उठे।
आचार्य ने आगे कहा कि सुदामा जी द्वारा लाए गए थोड़े से चावल के बदले भगवान ने उन्हें अपार वैभव और सुख प्रदान किया। दो मुट्ठी चावल के बदले भगवान ने उन्हें दो लोकों का सुख दे दिया, जो सच्ची मित्रता, प्रेम और निःस्वार्थ भक्ति का अद्भुत उदाहरण है।
कथा के अंत में भागवत का विश्राम हुआ। इस अवसर पर नगर के कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे, जिनमें संजय श्रीवास्तव (पर्यावरण सदस्य), धनंजय बरनवाल, अखिलेश पांडे, दुर्गेश पांडे, राकेश श्रीवास्तव, अयोध्या धाम से पधारे श्री श्री 1008 दिलीप दामोदरदास जी महाराज, बृजेश मद्धेशिया, सूरज चौरसिया, डॉ. पी.के. दुबे, सुनील ठठेरा, राजेश गुप्ता, स्वामी राधा रंग जी, छेदीलाल जायसवाल, अशोक गुप्ता सहित विभा, आरती, नेहा और अन्य श्रद्धालु बड़ी संख्या में मौजूद रहे।





















































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