"भागवत श्रवण से मिटते हैं जन्मों के पाप डॉ. मनमोहन मिश्र"
देवरिया।अध्यात्म और भक्ति की पावन धरा ग्राम पुरैना शुक्ल में इन दिनों श्रद्धा और विश्वास का अपूर्व संगम देखने को मिल रहा है। श्रीमद्भागवत महापुराण कथा के आयोजन से संपूर्ण क्षेत्र भक्तिमय हो गया है। कथा के प्रारंभिक सत्र में प्रख्यात विद्वान और ओजस्वी कथावाचक डॉक्टर मनमोहन मिश्र ने अपनी अमृतमयी वाणी से भक्ति, ज्ञान और वैराग्य के मर्म को विस्तार से समझाया।
धुन्धुकारी के प्रसंग से मिला मुक्ति का संदेश
व्यासपीठ से कथा का रसपान कराते हुए डॉ. मनमोहन मिश्र ने कहा कि श्रीमद्भागवत केवल एक पुस्तक नहीं, बल्कि साक्षात् भगवान श्रीकृष्ण का वांग्मय स्वरूप है। कथा के महात्म्य पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने भक्ति, ज्ञान और वैराग्य के संकट को दूर करने वाले प्रसंगों का सजीव चित्रण किया। उन्होंने विशेष रूप से धुन्धुकारी और गोकर्ण की कथा का वर्णन करते हुए बताया कि किस प्रकार एक कुमार्गी और पापी जीव भी भागवत कथा के श्रवण मात्र से प्रेत योनि से मुक्त होकर मोक्ष को प्राप्त कर लेता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि कलियुग के इस कठिन समय में भागवत कथा ही वह सुगम मार्ग है, जो मनुष्य के सोए हुए विवेक को जाग्रत कर उसे प्रभु चरणों से जोड़ती है।
मुख्य यजमान ने किया सपरिवार विधि-विधान से पूजन
कथा के मुख्य यजमान श्री सत्यप्रकाश शुक्ल ने सपरिवार व्यासपीठ और पवित्र पोथी का विधिवत पूजन-अर्चन किया। यजमान ने श्रद्धा भाव प्रकट करते हुए कहा कि ग्रामवासियों के कल्याण और आध्यात्मिक चेतना के प्रसार हेतु इस अनुष्ठान का संकल्प लिया गया है। कथा के दौरान भगवान के जयकारों से पाण्डाल गुंजायमान रहा।
क्षेत्रीय जनमानस में उत्साह
आयोजन में सुमित्रा देवी, सत्यप्रकाश शुक्ल, रामप्रकाश शुक्ल, हरिहर शुक्ल ,केशव शुक्ल, चंद्रभान शुक्ला, जयप्रकाश शुक्ला, सुभाष शुक्ला ,गजेंद्र शुक्ला, रवींद्र शुक्ला ,रमेश शुक्ला, शशि भूषण शुक्ला, रामकृपाल शुक्ला, गणेश शुक्ला, राजेश प्रजापति, फेकू प्रजापति, गणेशु प्रजापति, नींबू लाल, अशोक कुमार, बबीता शुक्ला, रिंकू देवी, जवाहर पासवान, विदेशी प्रजापति, मातादिन गोड़, राम विलास गोड़, सर्वदेव यादव सहित आस-पास के दर्जनों गांवों से भारी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे हैं।

























































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