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SEBI ने Mutual Fund डिस्ट्रीब्यूटर्स के लिए किया ट्रांजैक्शन चार्ज खत्म

भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने म्यूचुअल फंड डिस्ट्रीब्यूटर्स को दिए जाने वाले ट्रांजैक्शन चार्ज को पूरी तरह समाप्त कर दिया है। यह फैसला तुरंत प्रभाव से लागू हो गया है, जिसके बाद अब एसेट मैनेजमेंट कंपनियां (AMCs) डिस्ट्रीब्यूटर्स को यह अतिरिक्त भुगतान नहीं करेंगी।

 

क्या था पुराना नियम?

अभी तक, जब कोई डिस्ट्रीब्यूटर ₹10,000 या उससे अधिक का निवेश दिलाता था, तो उसे ट्रांजैक्शन चार्ज के रूप में भुगतान मिलता था। यह व्यवस्था सेबी के 27 जून 2024 के मास्टर सर्कुलर में शामिल थी। लेकिन, नए फैसले के बाद अब यह प्रावधान पूरी तरह हटा दिया गया है।

क्यों लिया गया यह फैसला?

सेबी का मानना है कि डिस्ट्रीब्यूटर्स, जो AMCs के एजेंट की तरह काम करते हैं, उन्हें सीधे कमीशन या फीस के रूप में भुगतान मिलना चाहिए, न कि ट्रांजैक्शन चार्ज के जरिए। इससे म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री में पारदर्शिता बढ़ेगी और भुगतान प्रणाली सरल होगी।

 

निवेशकों को क्या फायदा?

इस नए निर्णय से म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री में ज्यादा पारदर्शिता आने की उम्मीद है। साथ ही, डिस्ट्रीब्यूटर्स और AMCs के बीच लेन-देन की प्रक्रिया सरल होगी, जिसका लाभ अंततः निवेशकों को मिलेगा।

 

सेबी ने यह फैसला मई 2023 में हुए सार्वजनिक परामर्श और जून 2025 में उद्योग के साथ हुई चर्चा के बाद लिया है। यह सर्कुलर SEBI अधिनियम, 1992 और म्यूचुअल फंड विनियम, 1996 के तहत निवेशक हितों की सुरक्षा और बाजार के विकास को ध्यान में रखते हुए जारी किया गया है।

 


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