आज़मगढ़ में बेरोज़गार युवाओं के सम्मान और किसान समस्याओं को लेकर प्रदर्शन, प्रधानमंत्री को भेजा ज्ञापन
आजमगढ़ में मंगलवार को गरीबी बेरोज़गारी मुक्त भारत अभियान तथा विभिन्न किसान संगठनों ने संयुक्त रूप से प्रदर्शन कर प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। प्रदर्शनकारियों ने भारत के मुख्य न्यायाधीश Justice Surya Kant पर बेरोज़गार युवाओं और छात्रों के खिलाफ कथित अपमानजनक टिप्पणी करने का आरोप लगाते हुए न्यायिक जवाबदेही सुनिश्चित करने, महाभियोग चलाने और बर्खास्तगी की प्रक्रिया शुरू करने की मांग की।
वक्ताओं ने कहा कि बेरोज़गार युवाओं को “कॉकरोच” और “परजीवी” जैसे शब्दों से संबोधित करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और युवा विरोधी मानसिकता को दर्शाता है। उनका कहना था कि देश में बढ़ती बेरोज़गारी युवाओं की नहीं बल्कि सरकार की नीतियों, आर्थिक विफलताओं और व्यवस्था की कमजोरी का परिणाम है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि लाखों युवा डिग्री हासिल करने के बावजूद रोजगार के लिए संघर्ष कर रहे हैं, ऐसे में इस प्रकार की टिप्पणी युवाओं के आत्मसम्मान और संघर्ष का अपमान है।
संगठनों ने मांग की कि मुख्य न्यायाधीश सार्वजनिक रूप से माफी मांगें तथा संसद में उनके खिलाफ महाभियोग की प्रक्रिया शुरू की जाए। साथ ही बेरोज़गारी मुक्त भारत और युवाओं के सम्मान की दिशा में ठोस कार्ययोजना लागू करने की भी मांग उठाई गई।
इस दौरान Socialist Kisan Sabha और Purvanchal Kisan Union ने ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं को लेकर भी ज्ञापन सौंपा। संगठनों ने निजामाबाद, मेंहनगर, खरिहानी, लाहीडीह, माहुल और मिल्कीपुर जैसे दूरदराज इलाकों से रोडवेज बस संचालन तत्काल शुरू कराने की मांग की ताकि ग्रामीणों को आवागमन में राहत मिल सके।
इसके अलावा भीषण गर्मी के बीच अघोषित बिजली कटौती पर रोक लगाने और चौबीस घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की गई। किसान संगठनों ने किसान सेवा केंद्रों और साधन सहकारी समितियों पर पर्याप्त मात्रा में धान का बीज और खाद उपलब्ध कराने की भी मांग उठाई।
प्रदर्शन में राजीव यादव, वीरेंद्र यादव, डॉ. राजेंद्र यादव, अधिवक्ता विनोद यादव, सत्यम प्रजापति, हीरालाल यादव, नंदलाल, अवधेश यादव और अनिल गुप्ता सहित कई लोग मौजूद रहे।





















































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