Crime News / आपराधिक ख़बरे

घोसी साइबर क्राइम सेल ने दो अंतर्जनपदीय साइबर ठगो को किया गिरफ्तार।

अधिकारी बन कर स्थानांतरण, कार्यवाही करने की धौंस देकर करते हैं ठगी।
दोनों बरेली जनपद के निवासी।

घोसी। मऊ।घोसी कोतवाली की साइबर सेल टीम ने बीएसए बनकर अध्यापक को गैरजनपद स्थानांतरण की धमकी देकर भेजे गए स्कैनर से पच्चास हजार रुपए की ठगी करने वाले दो अंतर्जनपदीय साइबर ठगो को सोमवार को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त किया। दोनों जनपद बरेली के रहने वाले हैं।
घोसी कोतवाली के रघौली बाजार निवासी रोली कन्नौजिया ने 21मार्च 26 कोतवाली में शिकायत दर्ज कर बताया कि उनकी माता श्रीमती चिंता देवी कन्नौजिया मोहम्दाबाद सिपाह मऊ जो की कंपोजिट विद्यालय रेयाव दोहरीघाट में सहायक अध्यापिका पद पर कार्यरत हैं। आरोप लगाया कि 16फरवरी 26 को मोबाइल पर एक नम्बर से फोन आया बोलने वाले ने धमकाते हुए कहा कि लखनऊ में कार्यरत कैंसर से पीड़ित एक अध्यापक का वरीयता के आधार पर मऊ के दोहरीघाट में स्थानांतरण होना है। कहा कि भेजे गए स्कैनर पर पच्चास हजार रुपए भेज दो, अन्यथा तुम्हारा स्थानांतरण लखनऊ कर दिया जायेगा। जिस पर उनके झांसे में आकर श्रीमती चिंता देवी कन्नौजिया की पुत्री रोली कन्नौजिया द्वारा उक्त स्कैनर पर पच्चास हजार रुपए भेज दिया गया। बाद मे जब उक्त नंबर पर कॉल किया गया तो वह बंद मिला। अपने को साइबर ठगो द्वारा ठगे जाने की जानकारी होने पर रोली कन्नौजिया द्वारा घोसी कोतवाली में 21मार्च 26 को शिकायत दर्ज कराई गई।
एसपी कमलेश बहादुर के निर्देश पर  एवं कोतवाल प्रमेन्द्रकुमारसिंह के नेतृत्व में निरीक्षक अपराध मोतीलाल पटेल एवं एसआई साइबर सेल राजेश्वर पांडेय की टीम ने भौतिक एवं इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के सहयोग से विवेचना में प्रकाश में आए नरेंद्र पाल निवासी रहपूरा, जहांगीर फतेहगंज बरेली तथा दूसरे सौरभ पाल निवासी सीबीगंज टीबुलिया, फतेहगंज बरेली को टीम ने दबिश देकर पूछताछ के बाद सम्बन्धित धाराओं में सोमवार को चालान कर दिया। इस सम्बन्ध में कोतवाल प्रमेन्द्रकुमारसिंह ने बताया कि पूछताछ में दोनों ने बताया कि हम लोग द्वारा प्रदेश में नियुक्त अध्यापकों के विषय मे इंटरनेट पर सर्च किया जाता है । और बाद जानकारी के आधार पर कभी सचिव या बीएसए बनकर झांसा देकर ठगी करते हैं।


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