कुंभज ऋषि ने भगवान शिव को सुनाई सुंदर कथा
देवरिया।स्थानीय श्री कृष्ण इंटर कॉलेज आश्रम के प्रांगण में नव दिवसीय कथा का शुभारंभ अनंत पीठ के पीठाधीश्वर आंजनेय दास जी महाराज ने व्यास पीठ का पूजन कर किया।
अवध धाम से पधारे हुए धीरज कृष्ण शास्त्री द्वारा कथा के द्वितीय दिवस
पर कथा का रसपान कराते हुए कहा कि
एक बार त्रेता युग माही।
शंभू गए कुंभज ऋषि पाही।।
एक बार भगवान भोलेनाथ और माता सती कथा सुनने कुंभज ऋषि के आश्रम पर पहुंचे कुंभज ऋषि ने भगवान भोलेनाथ का और सती का प्रणाम किया सती के मन में विचार आया कि जब कथावाचक हमको प्रणाम कर रहा है तो कथा क्या सुनाएगा सती के मन में भ्रम हो गया लेकिन भगवान शिव समझ रहे थे कुंभज ऋषि ने भगवान का साष्टांग प्रणाम किया और आसान देकर आसन पर विराजमान कराया भगवान भोलेनाथ ने कहा कि मैं आपके वहां भगवान की कथा श्रवण करने आया हूं कुंभाल ऋषि ने भगवान की कथा प्रारंभ की जी कथा को सुनकर भगवान शिव प्रसन्न हुए लेकिन सती के मन में संशय हुआ
कथा त्रेता युग में हो रही थी और प्रभु श्री राम का जन्म भी त्रेता युग में हुआ
गोस्वामी जी ने रामचरितमानस की रचना त्रेता युग में ही किया बाबा तुलसी कहते हैं कि
संवत सोलह सौ एकतिसा
प्रभु कृपा हरि पद्ध धरि सीसा।
के दौरान आश्रम बरहज के पीठाधीश्वर आंजनेय दास जी महाराज, प्यारे मोहन सोनी, रमेश तिवारी अनजान, शेषनाथ रावत,अनमोल मिश्रा,अभय पांडेय ,अंचल पाठक, हरिशंकर पांडे, रामाश्रय यादव जय नारायण तिवारी प्रिंस, श्याम जी मिश्रा,केदार बारी, राधा रमण पांडे , कुशभगत, प्रभु नाथ शर्मा, राधेश्याम तिवारी,
शशिकला शर्मा, गिरिराज देवी ,माया देवी, हेमलता शर्मा ,तारा देवी, सहित अन्य श्रद्धालु जन उपस्थित रहे।





















































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