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महिला दरोगा ने भाजपा विधायक पर लगाए गंभीर आरोप कहा इंसाफ न मिला तो त्याग दूंगी वर्दी, सियासी सरगर्मी तेज

उन्नाव। यूपी पुलिस में ‘मिशन शक्ति’ के तहत महिला सशक्तिकरण की मिसाल मानी जाने वाली उन्नाव में तैनात एक महिला सब-इंस्पेक्टर ने सिस्टम से परेशान होकर इस्तीफे की पेशकश कर दी है। बिहार थाने में तैनात एसआई रेखा दुबे द्वारा एसपी और आईजी को इस्तीफा भेजे जाने की चर्चा से महकमे में खलबली मच गई है। रेखा दुबे ने अपने इस्तीफे में आरोप लगाया है कि लखीमपुर खीरी में तैनाती के दौरान एक भाजपा विधायक और कुछ रसूखदार पुलिसकर्मियों के खिलाफ आवाज उठाने के कारण उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा है। इस पूरे मामले पर उन्नाव के एसएसपी जयप्रकाश सिंह ने कहा कि प्रकरण उनके संज्ञान में है, लेकिन अब तक संबंधित महिला दरोगा की ओर से कोई औपचारिक प्रार्थना पत्र प्राप्त नहीं हुआ है और न ही वह व्यक्तिगत रूप से पेश हुई हैं। इस्तीफे में दर्ज आरोपों के अनुसार, 29 मार्च 2024 को जब रेखा दुबे की तैनाती लखीमपुर खीरी में थी, तब कथित तौर पर एक स्थानीय भाजपा विधायक के इशारे पर कुछ अराजकतत्वों और तत्कालीन एसपी के ड्राइवर समेत तीन पुलिसकर्मियों ने उनके किराए के आवास में घुसकर तोड़फोड़ और अभद्रता की। रेखा दुबे का आरोप है कि उनके एसआई पति और नाबालिग बेटी ने जब हस्तक्षेप किया तो उनके साथ भी मारपीट की गई। उन्होंने यह भी दावा किया कि जब वे शिकायत लेकर थाने पहुंचीं, तो वहां करीब दो सौ लोगों की भीड़ ने पुलिस की मौजूदगी में उनके परिवार पर दोबारा हमला किया। महिला दरोगा के अनुसार, राजनीतिक दबाव के चलते शुरुआत में मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। बाद में मामला सोशल मीडिया और मीडिया में उछलने पर एफआईआर दर्ज की गई, लेकिन आरोप है कि मूल तहरीर में दर्ज विधायक का नाम हटा दिया गया। उन्हें भरोसा दिलाया गया कि विवेचना के दौरान नाम जोड़ा जाएगा, लेकिन अब तक ऐसा नहीं हुआ। रेखा दुबे ने यह भी आरोप लगाया है कि उन पर और उनके पति पर समझौते के लिए लगातार दबाव बनाया गया। समझौता न करने पर दोनों का अलग-अलग जिलों में तबादला कर दिया गया और मामले की जांच ठंडे बस्ते में डाल दी गई।


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