सुनसान सड़क, एक टक्कर और कई सवाल
चित्रकूट की एक शांत प्रतीत होने वाली सांझ ने उस दिन जैसे भीतर छिपी चीख को बाहर ला दिया था। रामनगर क्षेत्र से समाचार संकलन कर लौट रहे एक पत्रकार की मोटरसाइकिल राष्ट्रीय राजमार्ग पर आगे बढ़ रही थी। सड़क अपेक्षाकृत सुनसान थी, रोशनी ढलान पर थी और वातावरण में वह सामान्य थकान थी जो दिन भर के काम के बाद घर लौटते व्यक्ति के चेहरे पर उतर आती है। तभी सामने से आती एक जीप ने कथित रूप से अचानक रफ्तार और दिशा बदली। शिकायतकर्ता के अनुसार, टक्कर इतनी तीव्र थी कि वह सड़क पर दूर तक घिसट गया और गंभीर रूप से घायल हो गया।
सुनसान सड़क, एक टक्कर और कई सवाल
घायल पत्रकार संजय सिंह राणा का आरोप है कि यह महज दुर्घटना नहीं थी, बल्कि सुनियोजित हमला था। उन्होंने पुलिस अधीक्षक को दिए अपने प्रार्थना-पत्र में आरोप लगाया है कि घटना के दौरान कुछ लोगों ने कथित रूप से जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया और जान से मारने की धमकी दी। घटना के बाद उन्हें गंभीर अवस्था में अस्पताल पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें उच्च चिकित्सा संस्थान रेफर किया गया। लंबे समय तक इलाज चला और शारीरिक क्षति ने उनके जीवन की दिशा बदल दी।





















































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