एक सप्ताह पहले सड़क दुर्घटना में घायल युवक की लाइफ लाइन हॉस्पिटल में मौत परिजनों ने शव को थाने पर ले आकर किया विरोध प्रदर्शन : आज़मगढ़
अहरौला आज़मगढ़ : एक सप्ताह पहले सड़क दुर्घटना में घायल युवक की लाइफ लाइन हॉस्पिटल में मौत परिजनों ने शव को थाने पर ले आकर किया विरोध प्रदर्शन,
●जिला चिकित्सालय में भर्ती मरीजो के साथ खिलवाड़ प्राइवेट अस्पतालों में शोषण खेत बेचकर मृतक के पिता ने लाइफ लाइन हॉस्पिटल का चुकाया बिल
अहरौला - गत 5 जुलााई को भटौली बाजार में कार ने बाइक सवारों को टक्ककर मार दी जिसमेंं गंभीर रुप से घायल विजय निषाद (23) पुत्र बखेड़ू का इलाज के दौरान लाइफ लाइन हॉस्पिटल में रविवार रात 8:00 बजे मौत हो गई सोमवार कि सुबह आक्रोशित भारी संख्या में परिजनों व ग्रामीणों ने गांव के पूर्व प्रधान बृजेश सिंह के नेतृत्व में भारी संख्या में शव को थाने के बाहर रखकर विरोध प्रदर्शन किया जिला चिकित्सालय पर मरीजों की उपेक्षा व प्राइवेट अस्पतालों में भारी शोषण का आरोप लगाया मृतक के पिता बखेेेङू निषाद का का बेटा विजय निषाद जो कमानेेे जा रहा था 5 तारीख को भटौली बाजार मे कार और बाइक से टक्ककर हो गई जिसमें विजय निषाद गंभीर रूप से घायल हो गया और रविवाार को लाइफ लाइन अस्पताल मेंं इलाज के दौरान मौत हो गई मृतक के पिता बखेड़ू निषाद का आरोप है की 5 तारीख को सदर में भर्ती कराया गया उसी दिन शाम को ही हम लोगोंं को इलाज करवाने केेे लिए लाइफ लाइन अस्पताल में भेज दिया गया हफ्ते भर के अंदर लाइफलाइन अस्पताल में लगभग चार लाख का बजट बनाया गया यहां तक कि पिता ने बताया कि बेटे की मौत लाइफलाइन अस्पताल में एक दिन पहले ही संंभवत: हो गई थी लेकिन अस्पताल प्रबंधन के द्वारा यह कहा गया कि आप के बेटे की सांस अभी चल रही है और वह आईसीयू मेंं है बचेे हुए बिल का भुगतान करने को कहा गया आर्थिक रूप से तंग मृतक के पिता बखेङू निषाद घर पहुंच कर 10 बिस्वा जमीन बेटे के इलाज के लिए रजिस्ट्री करने के लिए बयाना का पैसा लेकर कुछ जेवर बेचकर परिजनों ने अस्पताल का बिल चुकता किया बिल चुकता होनेेे के बाद अस्पताल प्रबंधन द्वारा बताया गया आपके पुत्र की मौत हो चुकी है और रविवार कि रात करीब 9:00 बजे शव को दे दिया इस तरह की घटना की जानकारी होते ही आस पास गांव के लोग आक्रोशित हो उठे और सुबह थाने पर शव रखकर जमकर विरोध प्रदर्शन किया और जिला अस्पताल में इस तरह से खिलवाड़ और प्राइवेट लाइफ लाइन जैसे हॉस्पिटल मे शोषण व अमानवीय व्यवहार गरीबों केेे हित में नहीं है जिसके लिए लोगों ने सरकारी व्यवस्थाओं पर उपेेक्षा का आरोप व लााइफ लाइन जैसे अस्पतालों के द्वारा शोषण किया जा रहा है मृतक दो भाइयों में छोटा था और उसकी शादी की बात चल रही थी घर का एकमात्र कमाऊ सदस्य था इसके पहले बड़ा भाई भी दुर्घटना में विकलांग हो चुका है अब मृतक विजय निषाद पर ही घर की जिम्मेदारी थी पिता बखेड़ू निषाद डीएम से मिलकर शिकायत करेंगेे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।



























































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