उत्तर प्रदेश का बजट किसान-युवा-महिला सशक्तिकरण का बजट, बदलेगी ‘बीमारू’ राज्य की छवि : डॉ. वीणा पाण्डेय
लखनऊ/सुलतानपुर। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा प्रस्तुत हालिया बजट को प्रदेश के सर्वांगीण विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताते हुए उत्तर प्रदेश की पूर्व विधान परिषद सदस्य एवं भाजपा महिला मोर्चा की पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. वीणा पाण्डेय ने इसे किसान, युवा और महिला सशक्तिकरण पर केंद्रित समावेशी बजट बताया। एक मुलाकात के दौरान उन्होंने कहा कि यह बजट न केवल आर्थिक विकास को गति देगा, बल्कि उत्तर प्रदेश की ‘बीमारू राज्य’ वाली पुरानी छवि को बदलने में भी निर्णायक भूमिका निभाएगा।
डॉ. पाण्डेय ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रस्तुत बजट में रोजगार सृजन, कृषि विकास, महिला सुरक्षा और उद्यमिता को विशेष प्राथमिकता दी गई है। उन्होंने बताया कि सरकार ने लगभग 10 लाख युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा है, जिससे प्रदेश के युवाओं को नई संभावनाएं मिलेंगी और बेरोजगारी की समस्या में कमी आएगी।
उन्होंने कहा कि बजट में महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाएं शामिल की गई हैं। शी-मार्ट योजना, वर्किंग वूमेन हॉस्टल, तथा सेफ सिटी परियोजना जैसी पहल महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में कारगर साबित होंगी। इसके अलावा डिजिटल इंटरप्रेन्योरशिप योजना के माध्यम से महिलाओं और युवाओं को आधुनिक तकनीक से जोड़कर नए रोजगार अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे।
कृषि क्षेत्र की चर्चा करते हुए डॉ. वीणा पाण्डेय ने कहा कि बजट में किसानों के हितों का विशेष ध्यान रखा गया है। गन्ना मूल्य में 30 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि, पाँच मिल्क प्रोड्यूसर कंपनियों के गठन, एग्री एक्सपोर्ट हब की स्थापना, तथा प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि व फसल बीमा योजना जैसी पहल किसानों की आय बढ़ाने और कृषि को लाभकारी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और किसानों को बेहतर बाजार व तकनीकी सुविधाएं मिलेंगी।
उन्होंने कहा कि युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रधानमंत्री रोजगार प्रोत्साहन योजना, आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना, प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना, मुद्रा योजना, प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना, स्टैंड-अप इंडिया और मनरेगा जैसी योजनाओं का विस्तार प्रदेश की आर्थिक प्रगति में सहायक होगा। साथ ही लेबर अड्डों के निर्माण से श्रमिकों को बेहतर सुविधाएं और रोजगार के अवसर मिलेंगे।
डॉ. पाण्डेय ने विश्वास जताया कि इन योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से उत्तर प्रदेश तेजी से आर्थिक विकास की ओर अग्रसर होगा और सरकार का प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य साकार होने की दिशा में मजबूत आधार तैयार होगा।
उन्होंने अंत में कहा कि यह बजट केवल आंकड़ों का दस्तावेज नहीं, बल्कि प्रदेश के समग्र विकास की सोच का प्रतिबिंब है। यदि योजनाओं को जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू किया गया, तो उत्तर प्रदेश देश की अग्रणी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल होकर नई पहचान स्थापित करेगा।






















































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