हवस की ऐसी सच्ची कहानी, मासूम के लिए अपने खून के रिश्ते ही बने काल,दरिंदगी की सच्ची कहानी #महाराष्ट्र ठाणे
महाराष्ट्र ठाणे : कहानी एक 16 वर्षीय नाबालिक बदला हुआ नाम मीरा की ,11 साल कि बच्ची के साथ सगा चाचा व बड़े पिता का लड़का यानि चचेरा भाई रोज करता था दुष्कर्म
16 वर्षीय बदला हुआ नाम मीरा अपने चाचा चाची के साथ दिवा के साबे गांव स्थित एक चाल में रहती थी! और प्रतिदिन चाचा व भाई के हवस का शिकार हुआ करती थी!
17 नवंबर को जब मीरा इंटरनेशनल प्रेस कम्युनिटी के अध्यक्ष Dr पी एस पाण्डेय से मिली और घटना की पूरी कहानी बताई तो कहानी सुनकर उनके कान खड़े हो गये । डॉ पाण्डेय ने लड़की का लिखित बयान लिया और दूसरे दिन यानि 18 नवंबर 21 को पुलिस कमिश्नर थाने में बुलाया!
जब दिनांक 18 नवंबर 2021 को सुबह डॉ पाण्डेय को मालूम पड़ा की मीरा बदला हुआ नाम कळवा पूर्व गोलाई नगर स्थित रूम पर पर है और चाचा ने उसका मोबाइल जप्त करके उसे छुपा कर रखा!
फिर आनन फानन में डॉ पाण्डेय ने अपना प्लान चेंज किया व सीधा कळवा पुलिस स्टेशन पहुँच कर पहले ACP व कार्यरत वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक अव्हाड व महिला निरीक्षक लहाने के सहयोग के लड़की कलवा से बरामद की और सीनियर इंस्पेक्टर के सहयोग से FIR दर्ज होने की प्रक्रिया शुरू हुई ।
फिलहाल मीरा बदला हुआ नाम की माँ अपाहिज थी तथा 2017 में मर गयी! पिता ने दूसरी शादी करली और गांव में रहते है!
मीरा 16 वर्ष , भाई 14 वर्ष व छोटी बहन 10 साल अपने चाचा के साथ 2017 में ही मुंबई चली आई और कळवा पूर्व में रहने लगी! चाचा ने एक मुस्लिम औरत से शादी कर ली है ! चाचा को कोई औलाद नहीं है! चाचा व भाई को रोज दारू पिने की आदत है और दोनों मीरा के साथ एक ही रूम में एक साथ चाची व छोटे बहन भाईयों की मौजूदगी में सम्बन्ध बनाते थे!
मीरा को धमकी दें रखे थे की यदि तुम किसको बोली तो बहन भाई को मार डालेंगे!
पर छठ पूजा के एक दिन पहले चाचा ने जब सम्बन्ध बनाने के लिए जबरदस्ती की तो मीरा ने मना कर दिया और बोली तबियत ठीक नहीं है महिवारी आई है! पर चाचा जबरदस्ती किया और रात को रूम से निकाल दिया! रात भर खाड़ी के एक रूम में बिताकर मीरा कळवा अपने एक रिस्तेदार के पास चली आई! फिर आईपीसी के एक कार्यकर्ता के जरिये डॉ परमिंदर पाण्डेय के पास पहुंची और फिर प्रारम्भ हुआ न्याय की लड़ाई और इन्साफ की प्रक्रिया ।कलवा पुलिस स्टेशन पर f.I. R लिखवाया गया और सभी आरोपी गिरफ्तार किया गया अब तीनो नाबालिक बच्चे सरकारी संरक्षण में
पूरी करवाई इंटरनेशनल प्रेस कम्युनिटी की देख रेख में हैं।






















































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