भगवान की गोवर्धन लीला का श्रद्धालुओं ने किया रसपान
देवरिया।बरहज तहसील क्षेत्र के ग्राम बारादीक्षित में चल रहे श्रीमद् भागवत के मर्मज्ञ वेदाचार्य गंगाधर शुक्ल ने गोवर्धन लीला की कथा का रसपान कराते हुए कहा कि ब्रजवासी इंद्र की पूजा करते थे इस बात का पता भगवान कृष्ण को चला तो भगवान कृष्ण ने कहा आप लोगों को गोवर्धन भगवान की पूजा करनी चाहिए जिस पर सभी लोगों ने गोवर्धन पूजा का निर्णय लिया जिस पर इंद्र नाराज होकर सात दिनों तक लगातार मूसलाधार बरसात की और भगवान कृष्ण ने अपनी उंगली पर गोवर्धन पर्वत धारण कर बृजवासियों की रक्षा की भगवान कृष्ण ने इंद्र के अहंकार को चूर कर दिया तब से गोवर्धन पूजा का प्रचलन शुरू हुआ।
मुख्य यजमान गायत्री दीक्षित अपनी घनश्याम दीक्षित एवं सुमित्रा दीक्षित पत्नी राधेश्याम दीक्षित द्वारा व्यास पीठ का पूजन कर आरती उतारी।
कथा के दौरान मुख्य यजमान गायत्री दीक्षित , घनश्याम दीक्षित, सुमित्रा दीक्षित ,राधेश्याम दीक्षित ,सह यजमान उर्मिला दीक्षित ,बाल गोविंद दीक्षित, प्रेमलता दीक्षित, केशव प्रसाद दीक्षित, एमपी दीक्षित, निशिकांत दीक्षित, वीरेंद्र दीक्षित, सुमित रंजन दीक्षित, धर्मेंद्र दीक्षित, रिंकू दिक्षित ,सुशील प्रजापति, पवन गुप्ता ,अनंत दीक्षित, बिट्टू दीक्षित सहित सैकड़ो की संख्या में श्रद्धालुओं ने गोवर्धन लीला की कथा का रसपान किया। कथा के दौरान संगीत की टीम में सूर्यकांत शुक्ला, बबलू द्विवेदी, शिवम द्विवेदी, अभिनव पांडे, सुडू बाबा, एवं विद्वान अखिलेश शुक्ला, संजय मिश्रा, देवेंद्र मिश्रा, अनुज मिश्रा उपस्थित रहे।





















































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