लेखक कवि हरि शरण ओझा द्वारा लिखित देवरहा वंदन का हुआ लोकार्पण
देवरिया।काव्य गंगा का संग्रह है देवरहा वंदन: डॉ वेद प्रकाश
संतों और मुनियों का स्मरण करें, होगा कल्याण: डॉ. भट्ट
महाराजगंज l पुस्तक लेखन के क्षेत्र में हरि शरण ओझा द्वारा लिखित देवरहा वंदन काव्य गंगा का संग्रह है श्री ओझा ने मारुति परंपरा को पुनर्जीवित किया है जितने भी राजर्षि हैं परंपरा को जीवित रखना हेतु उन्होंने तमाम सारे अध्यायों को गति प्रदान किया है l
उपर्युक्त विचार स्थानीय जवाहरलाल नेहरू पीजी कॉलेज महाराजगंज के मीटिंग हॉल में मनोवैज्ञानिक अधिकारी के पद से सेवा निवृत होने के पश्चात लेखन और कविता के क्षेत्र में कई पुस्तकों का संपादन कर चुके हरि शरण ओझा द्वारा लिखित काव्य संग्रह देवरहा वंदन का लोकार्पण करते हुए मुख्य अतिथि वरिष्ठ लेखक, गजल कार, साहित्यकार किसान पीजी कॉलेज सेवरही कुशीनगर के पूर्व प्राचार्य डॉ वेद प्रकाश पांडेय ने व्यक्त किया l
डॉ पांडे ने कहा कि पुस्तकों के लेखन कार्य घटते जा रहे हैं पुस्तक पढ़ने वालों की कमी होती जा रही है लोग पुस्तक पढ़ना नहीं चाहते संतों और ऋषियों और मुनियों के बारे में जानना नहीं चाहते ऐसी स्थिति में हरि शरण ओझा ने देवरहा बाबा पर काव्य संग्रह लिखकर नए संदेश देने का प्रयास किया है इस पुस्तक में इनकी दोहा शैली निश्चित ही साहित्य जगत के लिए एक प्रेरणा है l
लोकार्पण समारोह की अध्यक्षता करते हुए जवाहरलाल नेहरू पीजी कॉलेज महाराजगंज के प्रबंधक परम संत जय गुरुदेव के शिष्य डॉक्टर बलराम भट्ट ने कहा कि
सभी को ऋषियों मुनियों महात्माओं और संतों के सानिध्य में रहना चाहिए इससे मानव कल्याण होता है आत्मनभूति शांति के रूप में होती है l उन्होंने कहा कि कभी के वादी में संत वचन हो तो निश्चित रूप से जीवन सुखद और सफल हो जाता है l
विशिष्ट अतिथि पीजी कॉलेज के पूर्व प्राचार्य डॉक्टर आरके मिश्रा ने कहा कि हरि शरण ओझा द्वारा लिखित देवरहा वंदन न सिर्फ काव्य संग्रह है बल्कि वर्तमान समय में एक ऐसे महर्षि के प्रति उनका समर्पण है जिसने समाज को बहुत कुछ दिया है l देवरहा बाबा पर लिखा गया यह संग्रह निश्चित रूप से लोगों को देवरहा बाबा के अनेक विचारों से अवगत कराएगा l
विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित पीजी कॉलेज के प्राचार्य डॉ अजय कुमार मिश्र ने कहा कि कबीर, सूर, तुलसी, रविदास, मीरा,के साथ ही देवरहा बाबा पर अनेक शोध कार्य हुए हैं संत और ऋषियों का यह देश है और देव वाणी सदैव आम जन का मार्गदर्शन करता रहा है l उन्होंने काव्य संग्रह देवरहा बाबा के लेखन पर लेखक हरि शरण ओझा को शुभकामनाएं दी l
देवरहा वंदन के लेखक हरि शरण ओझा ने कहा कि सेवानिवृत होने के पश्चात हरि के शरण में रहकर जो ज्ञान प्राप्त हुआ इस ज्ञान के आधार पर मेरी कलम चलती रही और काव्य संग्रह सभी के समक्ष आ गया l देवरहा बाबा पर अनेक जानकारियां बड़े ही दुरूह है फिर भी जो बन पाया उसे आप सभी के समक्ष देने का प्रयास किया हूं l उन्होंने अपने कुछ संस्मरणों के माध्यम से देवरहा बाबा के बारे में सभी को बताएंl
कार्यक्रम के प्रारंभ में हिंदी के सहायक आचार्य डॉ विजय आनंद मिश्रा ने देवरहा बाबा से जुड़े अनेक संस्मरणों को आम किया l
लोकार्पण समारोह सामाजिक संस्था सिटीजन फोरम और डॉक्टर ज्योत्सना ओझा मिश्रा की ओर से किया गया l दो ज्योत्सना ने प्रारंभ में सभी अतिथियों का सम्मान स्वागत भाषण से किया l
अतिथियों को सम्मान पत्र और अंग वस्त्र देकर डॉ राकेश राय कौशिक दिग्विजय सिंह डॉक्टर विपिन यादव डॉक्टर शांति विजय मिश्रा दिलीप शुक्ला ने किया l संचालन एवं धन्यवाद ज्ञापन सिटीजन फोरम के सचिव डॉक्टर शांति शरण मिश्र ने किया l
लोकार्पण समारोह में डॉक्टर कृष्णा साहनी बेसिक शिक्षा में प्रधानाध्यापिका डॉक्टर अर्चना सिंह, डॉ घनश्याम शर्मा डॉक्टर धर्मेंद्र सोनकर, डॉक्टर प्राची कुशवाहा डॉ ज्योत्सना पांडेय डॉक्टर अपर्णा राठी, डॉक्टर नंदिता मिश्रा देवेश पांडे डॉक्टर सुधाकर राय, डॉक्टर शाहबाज रितेश त्रिपाठी, डॉक्टर धर्मवीर डॉ मृत्युंजय तिवारी, राजेश स्वर्णकार, राजीव द्विवेदी, डॉ आलोक पांडे, डॉक्टर सच्चिदानंद सिंह, रत्नाकर शर्मा, शहनाज खातून डॉ पूनम वर्मा रंजना श्रीवास्तव, पूनम गुप्ता सुलोचना शर्मा कौशिकी पटेल, दिव्या शर्मा, डॉ प्रवीण श्रीवास्तव गणेश पटेल श्वेता शर्मा नौशीन फातिमा सर्वेश मिश्रा शिव शंकर त्रिपाठी संतोष तिवारी सहित शहर के अन्य गणमान्य उपस्थित रहे l


























































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