फर्जी मनरेगा हाजिरी पर प्रशासन का शिकंजा, 13 दिनों में 2900 मजदूर दिखाने का आरोप
कादीपुर सुलतानपुर।दोस्तपुर विकासखंड के साहिनवा ग्राम पंचायत में मनरेगा योजना के तहत बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। 13 दिनों में करीब 2900 मजदूरों की हाजिरी लगाए जाने के आरोप के बाद प्रशासन हरकत में आ गया। दैनिक खबर प्रकाशित होने के बाद जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) अभिषेक शुक्ला के हस्तक्षेप से कागजों में चल रहे मनरेगा कार्य को तत्काल रोक दिया गया।
आरोप है कि 1 जनवरी से 13 जनवरी के बीच साहिनवा गांव में मनरेगा के तहत असामान्य रूप से बड़ी संख्या में मजदूर दिखाए गए। इतनी कम अवधि में हजारों मजदूरों की हाजिरी दर्ज होने पर ग्राम प्रधान सभाजीत कनोजिया और पंचायत सचिव अशुलिका पटेल की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि नए साल की शुरुआत से ही मनरेगा के नाम पर कागजों में ही कार्य चल रहा था।
ग्रामीणों के अनुसार जिन स्थानों पर मनरेगा का काम दर्शाया गया है, वहां जमीनी हकीकत अलग है। जिस तालाब पर मजदूरी दिखाई गई, उसमें पहले से पानी भरा हुआ था, जिससे कार्य होना संदेहास्पद है। वहीं जिस सड़क पर कार्य दर्शाया गया, वह पहले ही ट्रैक्टर से जुतवाई जा चुकी थी।
मामला उजागर होने के बाद डीपीआरओ अभिषेक शुक्ला ने कड़ी फटकार लगाई, जिसके बाद साहिनवा ग्राम में कथित मनरेगा कार्य रोक दिया गया। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या पंचायत सचिव को इस पूरे फर्जीवाड़े की जानकारी नहीं थी, या फिर मिलीभगत से यह खेल चलता रहा?
ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है, ताकि मनरेगा जैसी जनकल्याणकारी योजना का दुरुपयोग रोका जा सके।






















































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