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मेडिकल कालेज जौनपुर द्वारा मासिक धर्म एवं उसकी समस्या के समाधान पर जनजागरूकता कार्यक्रय का आयोजन

जौनपुर : मेडिकल कालेज जौनपुर के प्रधानाचार्य प्रो० आर० बी० कमल के दिशा निर्देश में कम्युनिटी मेडिसिन विभाग के विभागाध्यक्ष डा० मुदित चौहान एवं डा० पूजा पाठक (नोडल, नारी सशक्तिकरण अभियान) द्वारा ग्रामसभा सैदपुर गड़उर में मासिक धर्म एवं उसकी समस्या के समाधान पर जनजागरूकता अभियान का आयोजन दिनांक 18 सितम्बर, 2025 को किया गया। जिसमें ग्रामसभा की गर्भवती महिलाएं, किशोरियां, एवं विद्यालय में अध्ययनरत बच्चियों द्वारा विशेष रूप से प्रतिभाग किया गया। इस अवसर पर कार्यक्रम की नोडल, डा० पूजा पाठक द्वारा लोगों को जागरूक करते हुए बताया गया कि मासिक धर्म एक सामान्य और स्वाभाविक शारीरिक प्रक्रिया है, जिसे किसी भी प्रकार के संकोच या झिझक के बिना स्वीकार करना चाहिए। उन्होंने किशोरियों को समझाया कि मासिक धर्म के दौरान साफ-सफाई रखना बेहद आवश्यक है। इसके लिए सैनिटरी पैड या स्वच्छ कपड़े का सही उपयोग करना चाहिए और उन्हें समय-समय पर बदलना चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि स्वच्छता की कमी से संक्रमण, एनीमिया और अन्य स्त्री रोग हो सकते हैं। कार्यक्रम के दौरान महिलाओं को सही खान-पान, आयरन एवं कैल्शियम युक्त भोजन लेने, नियमित स्वास्थ्य जांच कराने और मानसिक रूप से सकारात्मक रहने की सलाह दी गई। डा० पाठक ने मिथकों और भ्रांतियों को भी दूर किया। उन्होंने कहा कि मासिक धर्म के समय लड़कियों और महिलाओं को न तो अस्वच्छ मानना चाहिए और न ही किसी भी प्रकार के सामाजिक प्रतिबंधों में बाँधना चाहिए। यह समय महिलाओं के लिए विशेष देखभाल का होता है, जिससे परिवार और समाज को सहयोगात्मक दृष्टिकोण अपनाना चाहिए।
कम्युनिटी मेडिसिन विभाग के सहायक आचार्य, डा० अनिल कुमार ने कहा कि मासिक धर्म को लेकर समाज में आज भी अनेक भ्रांतियाँ और गलत धारणाएँ प्रचलित हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह एक सामान्य शारीरिक प्रक्रिया है, जिसे अस्वच्छता या अपवित्रता से जोड़कर देखना गलत है। इसके प्रति खुले विचार और वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में अब भी कई महिलाएँ और किशोरियाँ स्वच्छता के अभाव में संक्रमण, एनीमिया तथा प्रजनन संबंधी बीमारियों का शिकार हो जाती है। इस समस्या से बचने के लिए सैनिटरी पैड का नियमित उपयोग करना और उन्हें समय पर बदलना बेहद जरूरी है। डा० अनिल ने यह भी कहा कि यदि अनियमितता तथा असामान्य रक्तस्त्राव हो तो उसे नजरअंदाज न करें, बल्कि तुरन्त चिकित्सक से परामर्श लें। उन्होंने जोर देकर कहा कि मासिक धर्म शिक्षा केवल लड़कियों तक सीमित नही रहनी चाहिए, बल्कि लड़कों और पुरुषों को भी इस विषय पर संवेदनशील बनना होगा ताकि समाज में झिझक और भेदभाव की दीवारे टूटें। परिवार, विद्यालय और समाज सभी को मिलाकर लड़कियों के लिए सुरक्षित और स्वच्छ सम्मानजनक वातावरण तैयार करना चाहिए।
कार्यक्रम में उपस्थित महिलाओं एवं किशोरियों द्वारा डा० अनिल एवं डा० पूजा पाठक से सवाल पूंछे जिनका उन्होंने सरल भाषा में समाधान दिया। उनके विचारो से उपस्थित लोगो में जागरूकता और आत्मविश्वास देखने को मिला। ग्राम प्रधान अवधेश चौहान एवं गांव के लोगो ने मेडिकल कालेज जौनपुर की इस पहल की सराहना की और कहा कि इस तरह के कार्यक्रम ग्रामीण समाज में मासिक धर्म के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने में मिल का पत्थर साबित होगा।
इस अवसर पर मेडिकल कालेज के चिकित्सा शिक्षक डा० नवीन सिंह, डा० तुमुल नन्दन, डा० अनुज सिंह, डा० रिनु कुमार, डा० अथर अंसारी, डा० अंकित एवं मेडिकल सोशल वर्कर, शिल्पा, रमाकान्त, रवि यादव तथा आशा एवं आगनबाड़ी कार्यकर्ता उपस्थित थे।


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