श्रद्धा, भक्ति और वैदिक अनुष्ठानों के साथ आरंभ हुई दिव्य श्रीरामकथा
बिलरियागंज आजमगढ़।क्षेत्र के कम्पोजिट विद्यालय भैंसहा परिसर में बुधवार की सायं आयोजित श्रीराम महायज्ञ एवं श्रीरामकथा का भव्य शुभारंभ श्रद्धा और भक्ति से ओतप्रोत वातावरण में हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत वैदिक मंत्रोच्चार, पूजन-अर्चन एवं मंगलाचरण के साथ की गई, जिससे पूरा परिसर भक्तिमय हो गया।कथा व्यास पंडित राघवेंद्र शास्त्री जी ने श्रीरामकथा के प्रथम दिवस के प्रवचन में भगवान श्रीराम के आदर्श जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि प्रभु श्रीराम मर्यादा पुरुषोत्तम हैं, जिनका जीवन सत्य, धर्म, त्याग और कर्तव्य का अनुपम उदाहरण है। उन्होंने कहा कि श्रीरामकथा केवल धार्मिक कथा नहीं, बल्कि मानव जीवन को सही मार्ग दिखाने वाली जीवनदृष्टि है। रामकथा के श्रवण से व्यक्ति के विचार, व्यवहार और संस्कार शुद्ध होते हैं तथा समाज में नैतिक मूल्यों का विस्तार होता है।प्रथम दिवस की कथा में राम नाम की महिमा का विस्तार से वर्णन किया गया। कथावाचन के दौरान पंडाल में उपस्थित श्रद्धालु भाव-विभोर होकर कथा श्रवण करते रहे। कथा के बीच-बीच में “जय श्रीराम” के जयघोष से वातावरण गूंजता रहा।कार्यक्रम में आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु, महिलाएं, पुरुष एवं बच्चे उपस्थित रहे।

















































Leave a comment