प्रयागराज में शंकराचार्य मामले पर प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पत्रकारों के तीखे सवालों से DM, कमिश्नर और पुलिस कमिश्नर को लौटना पड़ा, पढ़ें पूरी खबर
बड़ी खबर | प्रयागराज।शंकराचार्य प्रकरण को लेकर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस उस वक्त हंगामेदार हो गई, जब अपनी बात समाप्त करने के बाद प्रयागराज के वरिष्ठ अधिकारी सवालों से बचते हुए बाहर निकलने की कोशिश करने लगे। इसी दौरान मौके पर मौजूद पत्रकारों ने तीखा विरोध जताया और अधिकारियों से सीधे सवाल दाग दिए।
“अरे! भाग क्यों रहे हैं? जवाब दीजिए… जवाब!”
पत्रकारों की इस आवाज़ ने माहौल गरमा दिया। सवालों की बौछार से घिरे अधिकारियों को रुकना पड़ा और वे प्रेस कॉन्फ्रेंस स्थल से बाहर जाने के बजाय उल्टे पांव वापस लौटने को मजबूर हो गए।
बताया जा रहा है कि डीएम, कमिश्नर और पुलिस कमिश्नर ने पहले संक्षिप्त बयान देकर प्रेस कॉन्फ्रेंस समाप्त करने का प्रयास किया था, लेकिन शंकराचार्य मसले पर उठ रहे गंभीर सवालों को नजरअंदाज करना पत्रकारों को स्वीकार नहीं था। पत्रकारों ने प्रशासन की भूमिका, कार्रवाई और जवाबदेही को लेकर सीधे और स्पष्ट सवाल किए।
स्थिति तब और असहज हो गई जब पत्रकारों ने कहा कि जब मामला संवेदनशील और जनहित से जुड़ा है, तो सिर्फ बयान देकर निकल जाना उचित नहीं है। जवाबदेही तय करने की मांग पर अधिकारी फिर से मंच पर लौटे और सवालों का सामना करना पड़ा।
इस पूरे घटनाक्रम ने यह साफ कर दिया कि जब पत्रकार अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए मजबूती से खड़े होते हैं, तो प्रशासन को भी जवाब देना पड़ता है। प्रेस की इस सक्रियता को मीडिया की रीढ़ और लोकतंत्र की मजबूती के रूप में देखा जा रहा है।
प्रयागराज में हुई यह घटना फिलहाल चर्चा का विषय बनी हुई है और सोशल मीडिया पर भी इसे लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।



















































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