पहलगाम आतंकी हमले की जांच अब राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को सौंपी गई
Pahalgam Terrorist Attack NIA Investigation: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले की जांच गृह मंत्रालय ने केंद्रीय जांच एजेंसी (NIA) को सौंप दी है. एनआईए अब केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू करेगी. वह स्थानीय पुलिस से हमले से जुडी केस डायरी और FIR भी हासिल करेगी. NIA की एक टीम अभी पहलगाम में ही मौजूद है. टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया. वहीं, एक फोरेंसिंक टीम को भी मौके पर बुलाया गया. इसके अलावा, पुलिस ने सैकड़ों संदिग्धों को हिरासत में लिया है, जबकि आतंकियों के घरों को ध्वस्त कर दिया गया है.
पहलगाम आतंकी हमले में अब तक क्या-क्या हुआ? पहलगाम स्थित बैसारन घाटी में 22 अप्रैल को 26 पर्यटकों की निर्मम हत्या कर दी गई, जिसमें अधिकांश हिंदू थे. इस हमले में 20 से अधिक लोग घायल हुए. इस हमले की जिम्मेदारी 'द रेजिस्टेंस फ्रंट' (TRF) ने ली है, जो पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा हुआ है. हालांकि, बाद में उसने कहा कि उसका इस हमले में कोई हाथ नहीं है.
गृह मंत्रालय ने हमले की जांच NIA को सौंप दी है, जिसने घटनास्थल का दौरा किया और चश्मदीदों के बयान दर्ज किए. जम्मू-कश्मीर पुलिस ने तीन संदिग्ध आतंकियों के स्केच जारी किए, जिमें से दो विदेशी नागरिक बताए जा रहे हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हमले की कड़ी निंदा की और दोषियों को अकल्पनीय सजा दिलाने का संकल्प लिया. गृह मंत्री अमित शाह ने पीड़ितों के परिवारों से मुलाकात की और उन्हें भरोसा दिलाया कि भारत आतंक के सामने नहीं झुकेगा. केंद्र सरकार ने 1960 के सिंधु जल संधि को तब तक के लिए निलंबित कर दिया है, जब तक पाकिस्तान आतंकवाद का समर्थन करना पूरी तरह और स्थायी रूप से बंद नहीं करता. सरकार ने अटारी बॉर्डर चेक पोस्ट को बंद कर दिया है. इसके साथ ही, उसने कुछ अपवादों को छोड़कर पाकिस्तानी नागरिकों के लिए सभी वीजा श्रेणियों को भी रद्द कर दिया है. वहीं, जवाब में पाकिस्तान ने भी शिमला समझौते को निलंबित कर दिया. पहलगाम हमले के बाद सुरक्षाबलों ने आतंकियों और उनके सहयोगियों के खिलाफ कड़ा अभियान शुरू कर दिया है. बीते 48 घंटों में छह आतंकियों या उनके सहयोगियों के घरों को ध्वस्त कर दिया गया है. शनिवार को श्रीनगर में 60 से अधिक स्थानों पर छापेमारी की गई है, ताकि 'आतंकी तंत्र' को तोड़ा जा सके. अधिकारियों ने कहा कि सुरक्षा बल घाटी के हर हिस्से में आतंकियों के सहयोगियों और हमदर्दों पर शिकंजा कस रहे हैं ताकि भविष्य में पहलगाम जैसे हमलों को रोका जा सके. अनंतनाग जिले में लगातार तलाशी अभियान चल रहे हैं और मोबाइल व्हीकल चेकपॉइंट्स लगाए गए हैं ताकि संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा सके.


















































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