कल मनाया जाएगा रक्षाबंधन, जानिए राखी बांधने का शुभ मुहूर्त और भद्राकाल की जानकारी – महामंडलेश्वर आचार्य अशोकानंद जी महाराज, बिसरख धाम ने दी जानकारी
बिसरख धाम। पीठाधीश्वर श्री श्री 1008 महामंडलेश्वर आचार्य अशोकानंद जी महाराज ने बताया कि भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक पर्व रक्षाबंधन वर्ष 2025 में 9 अगस्त, शनिवार को पूरे देश में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाएगा। यह पर्व हर वर्ष सावन मास की पूर्णिमा तिथि को मनाया जाता है, जो इस बार 8 अगस्त दोपहर 2:12 बजे से प्रारंभ होकर 9 अगस्त को दोपहर 1:24 बजे तक रहेगी।
आचार्य अशोकानंद जी ने बताया कि रक्षा बंधन का अनुष्ठानिक समय 9 अगस्त की प्रातः 5:56 बजे से दोपहर 1:24 बजे तक है। इस अवधि में बहनें अपने भाई की कलाई पर राखी बांध सकती हैं। उन्होंने विशेष रूप से बताया कि राखी सदैव दाहिने (सीधे) हाथ में ही बांधनी चाहिए, यही शास्त्रीय परंपरा है।
भद्राकाल नहीं रहेगा बाधक
आचार्य अशोकानंद जी महाराज के अनुसार, 9 अगस्त को भद्राकाल का अंत प्रातः 1:52 बजे ही हो जाएगा, इसलिए इस दिन भद्राकाल का साया नहीं रहेगा। चूंकि पूर्णिमा की तिथि का उदय 9 अगस्त को हो रहा है, इसलिए रक्षाबंधन पर्व भी इसी दिन मनाया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि भद्राकाल में राखी नहीं बांधनी चाहिए, क्योंकि यह समय शुभ कार्यों के लिए वर्जित माना गया है।
प्रदोष काल में भी बांधी जा सकती है राखी
जो बहनें दिन में राखी नहीं बांध पातीं, वे प्रदोष काल में भी राखी बांध सकती हैं। इस दिन प्रदोष काल का समय शाम 7:19 से रात 9:24 बजे तक रहेगा, जो भी शुभ माना गया है।
आचार्य अशोकानंद जी महाराज ने देशवासियों और समस्त माताओं-बहनों को रक्षाबंधन की हार्दिक शुभकामनाएँ दीं और कामना की कि भोलेनाथ सभी की रक्षा करें और सबका कल्याण हो।
ॐ नमः शिवाय।


















































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