किसान नेता राकेश टिकैत, को लेकर सामने आई, ये बड़ी खबर, दिल्ली और यूपी के बार्डर पर पुलिस ने....
राकेश टिकैत फिलहाल किसानों के उस कोर ग्रुप में शामिल हैं जो कृषि कानूनों पर लगातार सरकार से बात कर रही है। गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात करने वाले किसानों नेताओं में राकेश टिकैत भी शामिल थे। इसके अलावा वे पिछली पांच दौर की वार्ताओं में भारतीय किसान यूनियन का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।।
वे पश्चिमी उत्तर प्रदेश में इस आंदोलन के समर्थन में किसानों को लेकर आगे आए और गाजियाबाद में दिल्ली-यूपी बॉर्डर ब्लॉक कर दिया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस बयान को भी सरासर भ्रम फैलाने वाला बताया है .
जिसमें उन्होंने मध्य प्रदेश के किसानों से चर्चा के दौरान कहा था कि सरकार ने स्वामीनाथन समिति की सिफारिशों को लागू कर दिया है। टिकैत का कहना है कि सरकार को तीनों कानूनों को वापस लेना होगा।
किसान आंदोलन में पंजाब और हरियाणा के किसान नेताओं के साथ भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत का नाम भी तेजी से उभरा है।
राकेश बड़े किसान नेता और भारतीय किसान यूनियन के अध्यक्ष रहे स्वर्गीय महेंद्र सिंह टिकैत के पुत्र हैं। शुरू में सरकार की तरफ से यह जतलाने की कोशिश की जा रही थी कि कृषि कानूनों के खिलाफ केवल पंजाब और हरियाणा के किसान आंदोलन कर रहे हैं, तो उस भ्रम को तोड़ने में राकेश टिकैत की अहम भूमिका रही।


















































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